कांग्रेस ने फिर शीला के हवाले की दिल्ली.... आखिर क्या है माजरा ?


पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राजधानी में आम आदमी पार्टी से अपना वोट बैंक वापस पाने के लिए जूझ रही कांग्रेस ने दीक्षित के अनुभव पर भरोसा जताया है। 

दीक्षित की साख राजधानी के मतदाताओं में बनी हुई है जिसका लाभ कांग्रेस को मिल सकेगा। प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेवारी मिलते ही शीला दीक्षित ने कहा कि यह मेरे लिए सम्मान की बात है। 

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित 

आम आदमी पार्टी के लिए संदेश है कि कांग्रेस फिर खड़ी हो गई है। यह पूछे जाने पर कि क्या आप के साथ समझौता होगा, दीक्षित ने कहा कि अलायंस किस बात की? पहले मुझे स्थिति को समझने दीजिए नीचे से लेकर ऊपर तक। खराब तबीयत के अफवाहों को विराम देते हुए उन्होंने कहा कि मेरी तबीयत पूरी तरह ठीक है।

कांग्रेस आलाकमान ने पूर्व मंत्री हारून युसूफ, पूर्व विधायक देवेन्द्र यादव व राजेश लिलोथिया को प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। हारून करीब 12 वर्ष तक दीक्षित मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं व सधे हुए नेता हैं। देवेन्द्र यादव कांग्रेस की अगली पीढ़ी को युवा नेतृत्व देने में सक्षम हैं। 

राजेश लिलोथिया भी कांग्रेस के युवा चेहरे में शामिल हैं व अब महत्वपूर्ण दायित्व संभालेंगे। इसी महीने चार जनवरी को अजय माकन ने स्वास्य कारणों से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। श्रीमती दीक्षित 1998 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनीं व पार्टी के विधानसभा चुनाव में विजयी होने पर उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री की कमान सौंपी गई थी।

कपूरथला में 31 मार्च 1938 को जन्मीं श्रीमती दीक्षित 1998 से 2013 तक लगातार 15 वर्षों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं हैं। माकन ने दी शीला को बधाई : अजय माकन ने शीला दीक्षित को प्रदेश अध्यक्ष बनने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित को पुन: प्रदेश अध्यक्ष बनने पर बधाई व शुभकामनाएं। उनके अधीन मुझे संसदीय सचिव एवं कैबिनेट मंत्री के रूप में काम करके सीखने का अवसर मिला। 



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