प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण कानूनन अपराध --क्षेत्राधिकारी पट्टी


प्रतापगढ़: जनपद न्यायाधीश नंदलाल एवं सचिव मधु डोगरा सिविल जज सीनियर डिवीजन प्रतापगढ़ के निर्देश के क्रम मे पट्टी तहसील के स्नातकोत्तर महाविद्यालय पट्टी में पीसीपीएनडीटी एक्ट ,कन्या भ्रूण हत्या निषेध, जीने का अधिकार एवं बालिका शिक्षा विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में लोगों को संबोधित करते हुए पुलिस उपाधीक्षक पट्टी बी डी मिश्र ने कहा कि प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण कानूनन अपराध है। यदि कोई इस तरह का अपराध करता है तो इसकी सूचना पुलिस को दी जाए, इस तरह के अपराध के लिए सजा एवं जुर्माने का प्रावधान किया गया है। 

उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या पर चर्चा करते हुए कहा कि यह समाज के लोगों की जिम्मेदारी है कि वह सोच बदले , सोच के बदलाव से बेटियों को जीवन एवं आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य राम भजन अग्रहरी ने कहा कि परिवार में स्त्री और पुरुष  दोनों की भूमिका है , हमें यह संतुलन बनाए रखना होगा। 

कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए अपने आचरण में बदलाव करना होगा ।बालिका शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बालिकाओं के शिक्षा के लिए कई प्रकार के प्रावधान किए गए हैं , जिसके अंतर्गत शिक्षा का अधिकार कानून एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की स्थापना की गई है, समय बदल रहा है , आज लड़कियां हर क्षेत्रों में नाम रोशन कर रही है, हमें इन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर देने होंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दिया। इस अवसर पर डॉक्टर रागनी प्रवक्ता बी एड  विभाग ने कहा कि आज बेटियां हर  क्षेत्रों में अपना नाम रोशन कर रही हैं , जरूरत है उन्हें संरक्षण एवं समानता दिए जाने की । 

इस अवसर पर पीएलवी प्रभात पाण्डेय ने पीसीपीएनडीटी एक्ट एवं कन्या भ्रूण हत्या निषेध पर विस्तार से चर्चा किया ।शिविर में लोगों को संबोधित करते हुए पीएलवी राम प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन जीने का अधिकार एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ ही सम्मान सहित स्वस्थ वातावरण में जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है ।भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 में नारी की गरिमा की रक्षा करते हुए उसको शोषण मुक्त जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। 

भारतीय संविधान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को गरिमामय जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। इस अवसर पर डॉ राकेश शुक्ला , सुनील मिश्रा , महिमा सिंह , अंकिता सिंह, रितिका, समा बानो , सुषमा चतुर्वेदी, रागिनी यादव , माया तिवारी, शिवानी पाठक आदि लोग मौजूद रहे।
 

रिपोर्टर : रोहित जायसवाल

 



Leave a Comment

Previous Comments

Loading.....

No Previous Comments found.