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कृष्ण -सुदामा चरित्र सुन श्रद्धालुओ के छलके आंसू


उन्नाव: बीघापुर तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा भटखेरवा मे चल रही भागवत कथा में भागवताचार्य शीतला प्रसाद शुक्ल महाराज ने सुदामा चरित्र और कृष्ण-सुदामा मिलने की कथा सुनाई। जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं के आंसू छलक उठे। श्रद्धालुओं ने पंडाल में श्री कृष्ण के जोरदार जयकारे लगाए।भागवताचार्य महाराज ने कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं, जो प्राणी अपनी अंतर आत्मा से भगवान को पुकारता है। भगवान सदा उसकी रक्षा करते हैं।

उन्होंने कहा कि संसार परमात्मा की ही सत्ता है। इसके बाद भी जीव मूर्खता वश संसार की वस्तुओं को अपना समझ बैठता यह जीव की सबसे बड़ी भूल है। जीव को चाहिए कि वह परमात्मा की सबसे बड़ी सत्ता का अनुभव और चिंतन करते हुए जीवन निर्वाहन करें। ताकि इस माया रूपी संसार में रहते हुए जीव मोक्ष को प्राप्त करें। 
कथा के दौरान महाराज ने कृष्ण-सुदामा की कथा का भी सुंदर बखान किया। उन्होंने कहा कि जब सुदामा बहुत गरीब हो जाते हैं और घर में खाने के एक वक्त का खाना भी नसीब नहीं होता है, तब उनकी पत्नी भगवान श्री कृष्ण से सहायता मांगने को कहती है पर सुदामा इससे इंकार कर देते हैं। तो पत्नी सुशीला उन्हें समझाती है फिर सुदामा अपने मित्र से मिलने के लिए तैयार हो जाते हैं और उनकी पत्नी भेंट के लिए कपड़े में थोड़ी चावल बांध देती हैं।

सुदामा जी मथुरा पहुंचते है और वह वहां कृष्ण को मित्र बताकर द्वारपालों से कृष्ण को बुलाने को कहते हैं, तो द्वारपाल उनका मजाक बनाते हैं। थोड़ी देर बात कृष्ण बाहर आते हैं और मित्र को देख गले से लग जाते हैं। दोनों मित्र रोने लगते हैं।यह सुनकर सभी श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गई।इस मौके पर सुरेंद्र सिंह संदीप सिंह राकेश सिंह सतीश सिंह रंजीत यादव शिवम अरुण सिंह रामजी विपिन सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

रिपोर्टर : नवनीत शुक्ला



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