पांच महीने की प्रेग्नेंट थी बीवी, हनीमून मनाने ले गया पति, रोमांस करते-करते पैदा हो गई 480 ग्राम की बेटी!
मलेशिया का एक दंपति अपने हनीमून के लिए जापान गया था, लेकिन वहां उनके साथ ऐसा हादसा हुआ जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। यह यात्रा, जिसके लिए वे लंबे समय से तैयारी कर रहे थे और पैसे बचा रहे थे, उनके लिए एक डरावने अनुभव में बदल गई।
बुकिट मर्टाजम निवासी 32 वर्षीय लियांग ची लियांग और उनकी 29 वर्षीय पत्नी चान लुएन चियांग ने जापान में हनीमून मनाने के लिए पहले से फ्लाइट और होटल बुक कर रखे थे। हालांकि, जापान पहुंचने के कुछ ही समय बाद चान की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें गंभीर रक्तस्राव (हेमरेज) हो गया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही 22 हफ्ते की गर्भावस्था में उनकी बेटी का समय से पहले जन्म हो गया।महज पांच महीने में जन्मी बच्ची का नाम एलेक्सिस लियांग शी यू रखा गया है। फिलहाल डॉक्टर उसकी जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। यह खुशी भरा हनीमून सफर इस दंपति के लिए एक कठिन और भावनात्मक परीक्षा बन गया।
गंभीर है बच्ची की हालत
बच्ची का जन्म मात्र बाइसवें हफ्ते में हुआ है. जन्म के दौरान बच्ची का वजन सिर्फ 480 ग्राम था. घटना दिसंबर में हुई. बच्ची अभी भी NICU में इंटेंसिव केयर में है. जापान के अस्पताल में उसकी हालत अभी भी नाजुक है. बहुत छोटी और कमजोर होने के कारण मार्च 2026 तक कपल का मलेशिया लौटना संभव नहीं है. इसमें मेडिकल खर्च अनुमानित RM1.5 मिलियन (लगभग 3 करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है. परिवार ने सोशल मीडिया पर मदद मांगी, तो 3 दिनों में ही पैसे जमा हो गए.
विदेश में मिली मदद
इस मुश्किल समय में मलेशिया के कोऑपरेटिव्स डेवलपमेंट मंत्री स्टीवन सिम ने परिवार की मदद के लिए RM50,000 की आर्थिक सहायता दी। वहीं, वन होप चैरिटी ने जापान में मां के ठहरने का पूरा खर्च उठाया, ताकि वह अपनी नवजात बेटी को ब्रेस्ट मिल्क दे सकें।
22 हफ्ते में बच्चे का जन्म होना बेहद दुर्लभ और अत्यंत जोखिम भरा माना जाता है। ऐसे शिशुओं को “एक्स्ट्रीमली प्रीमैच्योर” कहा जाता है और आमतौर पर उनके जीवित रहने की संभावना बहुत कम होती है। हालांकि, जापान में मौजूद अत्याधुनिक NICU सुविधाओं की वजह से उम्मीद अब भी बनी हुई है। बच्ची को लगातार निगरानी में रखा गया है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट व विशेष मेडिकल केयर दी जा रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची को तभी कहीं और शिफ्ट किया जा सकेगा, जब वह अपनी अनुमानित डिलीवरी डेट यानी मार्च 2026 तक सुरक्षित रूप से पहुंच पाए। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि हनीमून जैसी खुशी से भरी यात्रा भी कभी-कभी पूरी तरह अप्रत्याशित मोड़ ले सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान अंतरराष्ट्रीय यात्रा जोखिम भरी हो सकती है। आमतौर पर एयरलाइंस 32 हफ्तों के बाद विशेष अनुमति मांगती हैं, लेकिन शुरुआती महीनों में भी अचानक गंभीर जटिलताएं सामने आ सकती हैं। इस मलेशियाई कपल ने यात्रा से पहले डॉक्टर से परामर्श नहीं लिया था, जिससे हालात और ज्यादा मुश्किल हो गए।

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