मतदाता सूची पर शिकायतों का CEO नवदीप रिणवा ने दिया जवाब: कहा- 'ड्राफ्ट सूची अंतिम नहीं, फॉर्म-6 भरें और नाम जुड़वाएं'-

 

मतदाता सूची पर शिकायतों का CEO नवदीप रिणवा ने दिया जवाब: कहा- 'ड्राफ्ट सूची अंतिम नहीं, फॉर्म-6 भरें और नाम जुड़वाएं'-

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच, प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची केवल प्रारंभिक चरण है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर नागरिकों और राजनीतिक दलों की शंकाओं का समाधान करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अंतिम मतदाता सूची ही निर्णायक होगी।

सोशल मीडिया पर खुद संभाला मोर्चा-

मुख्य निर्वाचन अधिकारी इन दिनों इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सीधे जनता और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर रहे हैं। कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल द्वारा उठाई गई आपत्तियों का जवाब देते हुए रिणवा ने स्पष्ट किया कि ड्राफ्ट सूची में नाम न होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का अधिकार खत्म हो गया है। उन्होंने कहा, "यह एक प्रक्रिया है। यदि किसी का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दर्ज करा सकता है।"

नाम कटने की भ्रांतियों पर स्पष्टीकरण-

पते में बदलाव के कारण नाम कटने की शिकायतों पर CEO ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी मतदाता का नाम पुराने पते से हट गया है और नए पते पर अभी प्रदर्शित नहीं हो रहा है, तो इसे 'नाम कटना' नहीं माना जाना चाहिए। यह तकनीकी रूप से स्थानांतरण की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। ऐसे मतदाताओं को नए पते के विवरण के साथ फॉर्म-6 भरना चाहिए ताकि उनका नाम सही स्थान पर जोड़ा जा सके।

पारदर्शिता का भरोसा-

नवदीप रिणवा ने मतदाताओं, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों को आश्वस्त किया है कि जितनी भी शिकायतें और आपत्तियां प्राप्त हो रही हैं, उनका निस्तारण पूरी तरह नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि जागरूक नागरिक के रूप में सभी लोग ड्राफ्ट सूची की जांच करें और सुधार के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें।

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