जरेडा कंपनी पर घटिया सामग्री लगाने और वसूली का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की उठाई मांग
लावालौंग : प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सीकनी गांव में सोलर प्लांट निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने जरेडा कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सोलर प्लांट लगाने के लिए पहले निर्धारित स्थल पर जियोटेक (भू-तकनीकी जांच) कराया गया था, लेकिन अब प्लांट को उस स्थान पर नहीं लगाकर दूसरे स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है, जहां किसी प्रकार की जियोटेक जांच नहीं हुई थी।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी के मैनेजर द्वारा पैसे लेकर मनमाने तरीके से स्थान बदलकर कार्य कराया जा रहा है। इससे योजना की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजना का लाभ लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने के बजाय नियमों को नजरअंदाज कर कार्य किया जा रहा है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सोलर प्लांट निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री घटिया किस्म की है। उनका कहना है कि अगर निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री लगाई जाएगी तो आने वाले समय में योजना का लाभ प्रभावित हो सकता है। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।इधर, जब पत्रकारों ने मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्हें पहले जानकारी नहीं थी। अब मामला संज्ञान में आया है, इसलिए जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।वहीं, इस संबंध में जरेडा कंपनी के मैनेजर का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। ऐसे में कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
रिपोर्टर : मो0 साजिद

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