महिपालपुर मेट्रो का नाम बदलने की मांग खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया चौकाने वाला आदेश!

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (2 फरवरी) को महिपालपुर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर “रंगपुरी” करने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि मेट्रो स्टेशनों के नाम तय करना सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का अधिकार है और इसमें न्यायालय तब तक हस्तक्षेप नहीं करता जब तक कि निर्णय मनमाना या संवैधानिक रूप से अनुचित न हो।

सुनवाई के दौरान जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि मेट्रो स्टेशन का नामकरण सरकारी नीतियों के दायरे में आता है और अदालत सीधे तौर पर इसका आदेश नहीं दे सकती।

इस याचिका में रंगपुरी गांव के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने तर्क दिया कि महिपालपुर मेट्रो स्टेशन के निर्माण में ज्यादातर जमीन रंगपुरी गांव की इस्तेमाल हुई है। इसलिए, उनकी मांग थी कि स्टेशन का नाम “रंगपुरी” रखा जाए। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि जब उन्होंने इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने रखा, तो उन्हें टालमटोल किया गया और जिम्मेदारी दूसरों पर डाल दी गई।

हालांकि अदालत ने सीधे नाम बदलने का आदेश नहीं दिया, लेकिन जस्टिस कौरव ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और अन्य संबंधित अधिकारियों को छह हफ्तों के भीतर याचिकाकर्ता की अर्जी पर विचार करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य विभाग की राय आवश्यक हो तो उस पर भी विचार किया जाए।

फेज 4 गोल्डन लाइन (एयरोसिटी-तुगलकाबाद) का हिस्सा बनने वाला महिपालपुर स्टेशन इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक है और इस मामले में स्थानीय लोगों की भावनाएं भी जुड़ी हुई हैं।

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