चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन, 2 से 8 अक्टूबर तक ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च
चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। गांधी जयंती के दिन दिल्ली से मुंबई तक विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए गए। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी सामने आई।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर AISA समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए पहुंचे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिनभर में करीब 1,100 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से कुछ को बाद में छोड़ दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आतिशी और संजय सिंह समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। SFI, AISA, NSUI समेत अन्य छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं को भी रोका गया। प्रदर्शनकारियों ने SIR के दौरान कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन के बीच इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने की भी जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान CJP की पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग जगहों पर जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब गलतियां होती हैं और उनके खिलाफ आवाज उठानी पड़ती है, तब प्रदर्शन करना जरूरी हो जाता है। वहीं, CPI(M), SFI और DYFI के प्रदर्शन के दौरान CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के वोट काटना आपराधिक गतिविधि है।
मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने भी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके मुंबई के आजाद पार्क प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और लोगों को संबोधित किया। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे भी लगाए गए। मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और निगरानी तेज कर दी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने CJP के प्रदर्शन को लेकर कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इस मामले को लेकर फैलाया जा रहा नैरेटिव बेनकाब हो चुका है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उसी नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है और ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी।
वहीं, INDIA ब्लॉक की ओर से 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर के जिलों में 'सेव डेमोक्रेसी' मार्च निकालने की घोषणा की गई है। इसके अलावा 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं। चुनाव आयोग और SIR को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच दिल्ली और मुंबई समेत कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शनों को लेकर सियासी गतिविधियां और तेज होने के आसार हैं।

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