संडीला प्रशासन की 'स्वच्छता' की खुली पोल

हरदोई : 161 विधानसभा क्षेत्र, संडीला के मुख्य चौराहे के हालत देख आप दंग रह जाएंगे जिसे देखकर शायद आपकी रूह कांप जाए और नाक सिकोड़ने पर आप मजबूर हो जाएगे।

 ये कोई नाली या कचरा घर नहीं है, बल्कि यह संडीला का वो मुख्य चौराहा है जिसे यहाँ के प्रशासन ने अपनी लापरवाही से 'खुला शौचालय' बना दिया है। विडंबना देखिए, एक तरफ पूरा देश 'स्वच्छ भारत' और 'डिजिटल इंडिया' का दम भर रहा है, और दूसरी तरफ संडीला का यह प्रमुख इलाका गंदगी के दलदल में डूबा है।
यहाँ शौचालय की सुविधा न होने के कारण लोग सरेराह दीवारें गीली करने को मजबूर हैं। बदबू इतनी भीषण है कि यहाँ से पैदल गुजरना तो दूर, सांस लेना भी दूभर हो चुका है। संडीला का नगर निकाय और स्थानीय प्रशासन आखिर किस नींद में सोया है? क्या अधिकारियों को ये गंदगी दिखाई नहीं देती, या फिर जनता की परेशानियों से उन्हें कोई सरोकार ही नहीं रह गया है?
तस्वीरें गवाह हैं कि प्रशासन कितना 'निकम्मा' और संवेदनहीन हो चुका है। मुख्य चौराहे पर बुनियादी सुविधाएं न होना और इस कदर गंदगी का अंबार लगे रहना, क्या यही है विश्व गुरु बनने की राह? सवाल यह है कि स्वच्छ भारत के नाम पर आने वाला बजट आखिर जा कहाँ रहा है?
संडीला की जनता आज इस बदहाली पर जवाब मांग रही है। अगर मुख्य चौराहे का यह हाल है, तो अंदरूनी गलियों की क्या स्थिति होगी, इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। हम प्रशासन को चेतावनी देते हैं कि अपनी कुंभकर्णी नींद से जागिए, वरना संडीला की ये गंदगी आपकी कार्यशैली पर हमेशा के लिए एक बदनुमा दाग बनकर रहेगी।

संवाददाता : अनुराग सिंह

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