बरही में बेखौफ अपराधियों का तांडव: पहले दुकानों में चोरी, अब आगजनी से लाखों का नुकसान; दहशत में जी रहे लोग

हजारीबाग : बरही अनुमंडल क्षेत्र में अपराधियों और नशाखोरों के बढ़ते हौसलों के कारण स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों में भारी आक्रोश के साथ-साथ भय का माहौल है। ताजा मामला बरही-गया रोड का है, जहां आधी रात को हुई भीषण आगजनी में कई दुकानें जलकर राख हो गईं।

आधी रात को धू-धू कर जली दुकानें
बरही-गया रोड पर स्थित मंदिर प्रांगण के पास रात्रि लगभग 1:30 बजे दो सब्जी दुकानों में अचानक भीषण आग लग गई । पीड़ित दुकान मालिक धर्मदेव साव ने बताया कि रात में सूचना मिलने पर जब वे पहुंचे, तो उनकी दुकान पूरी तरह जल रही थी। स्थानीय लोगों की तत्परता से पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ी मौके पर पहुंची और दमकल को बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दुकान में रखी सारी सब्जियां और सामान जलकर खाक हो चुके थे। आग इतनी भयावह थी कि सुबह तक मलबे से धुआं उठ रहा था, जिसे स्थानीय निवासी संजय चंदवानी ने बुझाने का प्रयास किया। इस आगजनी में धर्मदेव साव को करीब 1.5 लाख रुपया का नुकसान हुआ है।
चपेट में आई हार्डवेयर की दुकान, कुल 5.5 लाख की क्षति
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसने बगल की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। धर्मदेव की दुकान के टीक बगल में स्थित एक अन्य सब्जी दुकान और संतोष केशरी की मिनी हार्डवेयर दुकान भी इस अगजनि में पूरी तरह जलकर स्वाहा हो गई। संतोष केशरी की दुकान में करीब 4 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। कुल मिलाकर इस घटना में व्यवसायियों को 5.5 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक चपत लगी है।
साजिश या नशाखोरों की करतूत? उठे गंभीर सवाल
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा संशय बना हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि आगजनी का 
शिकार हुई सब्जी और हार्डवेयर की दुकानों से कोई कीमती सामान चोरी नहीं हुआ, बल्कि सीधे आग लगा दी गई। लोग मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे की नीयत से की गई साजिश भी मान रहे हैं। इसके अलावा, मंदिर परिसर का सुनसान होना और वहां ड्रग्स पेडलरों (नशाखोरों) का अड्डा होना भी इस घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले दो साल पहले भी ठीक इसी स्थान पर सब्जी की दुकान में आग लगाई गई थी, जिसका सुराग पुलिस आज तक नहीं ढूंढ पाई है।
दो दिन पहले ही हुई थी मंदिरों की दुकानों में चोरी
इस भीषण आगजनी से ठीक दो दिन पहले इसी मंदिर प्रांगण में संचालित दो अन्य दुकानों को निशाना बनाया गया था। अपराधियों ने एक चाय दुकान का ताला तोड़कर सारा सामान तीतर-बितर कर दिया और चोरी की घटना को अंजाम दिया। वहीं दूसरी दुकान का भी ताला तोड़कर नकदी व सामान उड़ा लिया गया था। लगातार हो रही इन वारदातों से स्पष्ट है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है।
बेखौफ घूम रहे ड्रग्स पेडलर, सो रही पुलिस
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि आधी रात को नशाखोरों और ड्रग्स पेडलरों की टोलियां सड़कों पर सरेआम घूमती हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है। हाल ही में हजारीबाग रोड, धनबाद रोड और गया रोड पर ड्रग्स पेडलरों द्वारा मोबाइल , चैन स्केचिंग और पैसों की छिनतई की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पुरानी घटनाओं पर एक नजर (अगस्त 2025):
*18 अगस्त 2025: व्यवसाई अमित केशरी के गले से 6 भर सोने की चेन (मूल्य लगभग 5 लाख) झपटकर अपराधी फरार हो गए।
*20 अगस्त 2025: अंधविश्वास और ठगी का हवाला देकर शातिरों ने एक परिवार से 4 लाख रुपये के गहने ठग लिए [1]।
*27 अगस्त 2025: बरही के साधनपुरी स्थित निवासी का डीएवी स्कूल वाली गली में एक महिला के गले से सोने की चेन खींचकर अपराधी सरेआम भाग निकले।
जनता में भारी आक्रोश
चेन स्नेचिंग, घरों में चोरी और अब दुकानों में सरेआम आगजनी की बढ़ती घटनाओं के कारण बरही के व्यवसायी और आम नागरिक डर के साए में जीने को मजबूर हैं । स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से मांग की है कि नशाखोरों के अड्डों पर तत्काल छापेमारी की जाए, गश्त बढ़ाई जाए और इस आगजनी व चोरी के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

रिपोर्टर : राहुल राणा 

 

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