विष्णुगढ़ प्रखंड में अवैध कोयला डंपिंग जोन का काला कारोबार चरम पर, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
विष्णुगढ़ : प्रखंड अंतर्गत कई इलाकों में अवैध रूप से कोयला डंपिंग जोन संचालित किए जाने का मामला लगातार सुर्खियों में है। खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार से कोयला माफिया और मोटरसाइकिल के जरिए कोयला ढोने वाले लोग मालामाल हो रहे हैं, जबकि सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन डंपिंग जोनों में बड़े पैमाने पर कोयले को एकत्र कर उसके बोरे तैयार किए जाते हैं। इसके बाद मोटरसाइकिल, साइकिल और छोटे वाहनों के माध्यम से कोयले को विभिन्न इलाकों में खपाया जाता है। यह पूरा कारोबार बिना किसी वैध दस्तावेज, चालान या अनुमति के संचालित हो रहा है।
रातभर चलता है अवैध धंधा, दिन में सन्नाटा
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध गतिविधि रात के अंधेरे में तेज़ी से चलती है। रातभर कोयले की धुलाई, छंटाई और पैकिंग का काम जारी रहता है, जबकि दिन में इन स्थानों पर सन्नाटा पसरा रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों को इसकी पूरी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पर्यावरण और सड़क सुरक्षा पर भी खतरा
अवैध कोयला डंपिंग से क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। कोयले की धूल से हवा प्रदूषित हो रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं मोटरसाइकिल से कोयले की ढुलाई के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों में रोष
इस अवैध कारोबार को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि आम नागरिक कोई छोटा-मोटा नियम तोड़ दे तो उस पर तुरंत कार्रवाई होती है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कोयला कारोबार पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में
क्षेत्र में चर्चा है कि संबंधित विभागों की निष्क्रियता के कारण ही यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह धंधा और भी व्यापक रूप ले सकता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विष्णुगढ़ प्रखंड में संचालित सभी अवैध कोयला डंपिंग जोनों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही अवैध कोयला ढुलाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि सरकारी राजस्व की रक्षा हो सके और क्षेत्र को प्रदूषण से बचाया जा सके।
रिपोर्टर : संदीप मिश्रा

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