खसरे और रूबेला के खिलाफ जंग: 16 फरवरी से विशेष टीकाकरण अभियान

जालौन - जनपद के नौनिहालों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने घोषणा की है कि आगामी 16 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक पूरे जनपद में एक वृहद विशेष एम.आर. (मीजिल्स-रूबेला) टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत बुधवार और शनिवार के नियमित टीकाकरण दिवसों को छोड़कर शेष दिनों में जिले के सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों, स्कूलों और मदरसों में सघन टीकाकरण किया जाएगा। इस विशेष मुहिम का प्राथमिक लक्ष्य कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के उन सभी बच्चों को कवर करना है जिनकी आयु 5 से 10 वर्ष के बीच है। स्वास्थ्य विभाग का यह कदम पिछले वर्ष के आंकड़ों को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि बीते साल जनपद में खसरे के संदिग्ध 244 मामलों में से 91 मीजिल्स और 09 रूबेला के केस पॉजिटिव पाए गए थे। इस वर्ष संक्रमण की इस चैन को तोड़ने और शून्य पॉजिटिव केस के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभाग ने माइक्रोप्लान तैयार कर लिया है।

अभियान की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनपद के कुल 1889 सरकारी और निजी स्कूलों को इसके दायरे में लिया गया है, जहां कुल 1,30,450 बच्चों को एम.आर. की बूस्टर डोज से आच्छादित किया जाएगा। डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए जनपद, ब्लॉक और तहसील स्तर की टास्क फोर्स समितियों सहित ए.एन.एम., आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का संवेदीकरण पूर्ण कर लिया गया है। प्रत्येक ए.एन.एम. को प्रतिदिन औसतन 100 से 125 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है, जबकि अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में अतिरिक्त सत्रों की व्यवस्था की जाएगी। टीकाकरण सत्रों की पूर्व सूचना स्कूलों को पहले ही दे दी जाएगी ताकि शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। तकनीकी और लॉजिस्टिक मोर्चे पर भी विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। सभी चिन्हित स्कूलों और सत्रों को 'यूविन' पोर्टल के एम.आर. कैम्पेन टैब पर नियोजित कर समय से पब्लिश किया जा रहा है। वैक्सीन की सुरक्षा और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में एम.आर. वैक्सीन, सीरिंज और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 'एनाफाइलेक्सिस किट' ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध कराई गई हैं, जिन्हें ए.वी.डी. वाहनों के जरिए सीधे सत्र स्थल तक पहुंचाया जाएगा। अभियान की निगरानी के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों को अलग-अलग ब्लॉक और शहरी क्षेत्र आवंटित किए गए हैं। प्रतिदिन शाम को समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें प्रगति की रिपोर्टिंग और सुधारात्मक कदमों पर चर्चा होगी। मुख्य चिकित्साधिकारी ने जनपद वासियों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि अपने और पड़ोस के 5 से 10 वर्ष तक के बच्चों को स्कूलों में टीका अवश्य लगवाएं, ताकि हम मिलकर जनपद को मीजिल्स-रूबेला मुक्त बना सकें।

रिपोर्टर - राहुल कुमार पटेल 

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