विधि के छात्र-छात्राओं को दिया गया कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था का व्यावहारिक प्रशिक्षण

 
झाँसी। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती कमलेश कच्छल के संरक्षण एवं प्रेरणा से तथा सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती ईशा त्रिपाठी के निर्देशन में चल रहे 'समर ऐकेडमिक इंटर्नशिप प्रोग्राम' के अंतर्गत मंगलवार को एल.एल.बी. एवं एल.एल.एम. के छात्र-छात्राओं को कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव कराने के उद्देश्य से एक वृहद प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक और केंद्रित बनाने के लिए इंटर्न्स के चारों बैचों को अलग-अलग विशिष्ट क्षेत्रों में भेजकर ऑन-ग्राउंड ट्रेनिंग कराई गई।
व्यावहारिक प्रशिक्षण के तहत एक बैच को महिला थाना, झाँसी का विस्तृत भ्रमण कराया गया। यहाँ छात्र-छात्राओं ने पुलिस की ऑन-ग्राउंड कार्यप्रणाली, एफ.आई.आर. दर्ज होने की पूरी प्रक्रिया, वीमेन हेल्पलाइन और पीड़ित महिलाओं को दी जाने वाली कानूनी व व्यावहारिक सुरक्षा प्रणालियों को करीब से समझा। छात्रों ने जाना कि पुलिस प्रशासन और कानून मिलकर किस प्रकार पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाते हैं।
दूसरे बैच के इंटर्न्स को विभिन्न न्यायालयों के कोर्ट रूम का लाइव विजिट कराया गया। छात्रों ने न्यायाधीशों की पीठ, साक्ष्य संकलन, गवाहों के परीक्षण और अधिवक्ताओं की जिरह की वास्तविक अदालती प्रोसीडिंग को लाइव देखा और कोर्ट क्राफ्ट की व्यावहारिक बारीकियों को समझा।
तीसरे बैच को मध्यस्थता केंद्र के व्यावहारिक ढांचे से परिचित कराया गया। यहाँ छात्र-छात्राओं को वरिष्ठ मध्यस्थ अधिकारियों के साथ रखा गया, जहाँ उन्होंने लाइव मध्यस्थता प्रक्रिया को देखा। छात्रों ने व्यावहारिक रूप से सीखा कि किस प्रकार कोर्ट-कचहरी के बाहर, बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में आपसी संवाद स्थापित कराकर मुकदमों का सम्मानजनक निस्तारण कराया जाता है।
चौथे बैच के छात्रों को चीफ लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल कार्यालय में एक विशेष व्याख्यान सत्र से जोड़ा गया। इस दौरान उन्हें देश की अदालती प्रक्रियाओं और हाल ही में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों की तकनीकी व व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराया गया, जिससे छात्रों की कई कानूनी शंकाओं का समाधान हुआ।

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