लगातार बढ़ते केमिकल्स और कीटनाशकों के इस्तेमाल से उपजाऊ जमीन की हो रही सेहत खराब- उप कृषि निदेशक
झांसी: देश, प्रदेश एवं जनपद की खेती-किसानी को एक नया मोड़ देने के लिए केंद्र सरकार ने इस वर्ष- 2026 जून के महीने में एक बेहद खास और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की देखरेख में 01 जून से 30 जून 2026 तक पूरे देश, प्रदेश और जनपद में खेत बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी मुहिम की शुरुआत खुद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की है।
उक्त उद्गार उप कृषि निदेशक बुद्ध देव द्विवेदी ने जनपद में चलाए जा रहे खेत बचाओ अभियान अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में विकसित संकल्प यात्रा के दौरान ग्राम अठोंदना ब्लाक बबीना में किसान गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए, उन्होंने आयोजित चौपाल में किसानों से कहा कि लगातार बढ़ते केमिकल्स और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी उपजाऊ जमीन की सेहत लगातार खराब हो रही है। इसी संकट को भांपते हुए सरकार ने इस महीने गांव-गांव और पंचायत स्तर पर जाकर मिट्टी को बचाने का यह बीड़ा उठाया है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का सबसे बड़ा और मुख्य उद्देश्य मिट्टी की घटती उपजाऊ शक्ति को बचाना और खेती में लगने वाली भारी-भरकम लागत को कम करना है।आज के समय में ज्यादा पैदावार के चक्कर में खेतों में यूरिया और अन्य रासायनिक खादों का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा होने लगा है। इससे जमीन के अंदर मौजूद लाभदायक मित्र कीट और बैक्टीरिया खत्म हो रहे हैं। इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों की टीमें सीधे गांवों में जाकर किसानों से संवाद करेंगी। किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड यानी मृदा परीक्षण के आधार पर ही संतुलित मात्रा में खाद डालने की सलाह दी जायगी। जब किसान जरूरत के हिसाब से सही मात्रा में खाद डालेंगे तो उनकी जेब का खर्च बचेगा और जमीन की ताकत भी लंबे समय तक बनी रहेगी। ग्राम अठौंदना में आयोजित विकसित संकल्प यात्रा के दौरान उप कृषि निदेशक बुद्धदेव द्विवेदी ने उपस्थित किसानों को ऑनलाईन के द्वारा विभिन्न बीजों की बुकिंग कर निशुल्क बीज मिनीकिट से लाभान्वित किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि गांव के सभी किसान भाई अपनी फार्मर आईडी अवश्य ही बनवा लें अन्यथा बिना फॉर्मर आईडी के कृषि विभाग की किसी भी योजना के लाभ से वंचित होना पड़ेगा।
उप कृषि निदेशक बुद्ध देव द्विवेदी ने कहा कि इस अभियान के जरिए सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि किसानों को नकली खाद-बीज से बचाया जाए, कृषि मशीनों पर मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी सीधे उन तक पहुंचे और भारतीय खेती को पूरी तरह टिकाऊ और मुनाफेदार बनाया जा सके।
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी दीपक कुशवाहा द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं में दिए जाने वाले खरीफ के बीजों की जानकारी दी। उन्होंने अपनी खेती का कुछ भाग जैविक खेती के रूप में शुरू कर भूमि को बचाए जाने के अभियान में सहयोग करने की अपील की।
इस अवसर पर एडीओ एग्री धर्मराज मीणा, रजनी राजपूत, कल्पना, ग्राम प्रधान मंशाराम यादव, चंद्रभान, महरज, मनोहर, सीताराम, सूरज आदि सहित बड़ी मात्रा में किसान उपस्थित रहे।
रिपोर्ट अंकित साहू
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