दीपक और अंधेरा

एक छोटे से गाँव में हर शाम बिजली चली जाती थी। लोग अंधेरे को कोसते और जल्दी सो जाते। एक दिन गाँव के सबसे छोटे बच्चे ने एक छोटा सा दीपक जलाया और उसे अपने घर के बाहर रख दिया। दीपक की रोशनी बहुत कम थी, पर रास्ता दिखाने के लिए काफ़ी थी। पास के घरों ने भी अपने-अपने दीपक जला दिए। थोड़ी ही देर में पूरी गली रोशन हो गई। अंधेरा, जिसे सब बड़ा मानते थे, चुपचाप हार गया। नीति: बड़े बदलाव के लिए बड़ी ताकत नहीं, छोटी शुरुआत और सही इरादा ही काफ़ी होता है। नीति: बड़े बदलाव के लिए बड़ी ताकत नहीं, छोटी शुरुआत और सही इरादा ही काफ़ी होता है।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.