डिहाइड्रेशन होने पर करे ये उपाए

  1. मौसम में लगातार बदलाव आमजन की सेहत पर प्रभाव डाल रहा है। बढ़ती गर्मी में जरा सी लापरवाही लोगों के सेहत पर भारी पड़ रही है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है। साथ ही खानपान का भी ध्यान रखना जरूरी है। खासकर गर्मी बढ़ने के साथ ही डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ने लगा है।

 

 

इस बार अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। इससे लोगों की सेहत नासाज होने लगी है। गर्मी बढ़ने से बच्चों में वायरल, उल्टी-दस्त, बदन दर्द व डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल, मेला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला चिकित्सालय के चिकित्सक केके करोली ने बताया कि अगर लोगों को यह लगता है कि प्यास नहीं महसूस होने पर शरीर को तरल चीजों की आवश्यकता नहीं होती है तो आप गलत हैं। दरअसल हर बार आपका शरीर तरल पदार्थ की जरूरत को जाहिर नहीं करता है। ऐसे में जब आपको प्यास नहीं भी लगी हो तो आप पानी या कोई भी ठंडा पदार्थ नहीं लेते तो यहीं से शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति बनने लगती है। इसलिए बेहतर है कि डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा ही नहीं होने दें।


ये हैं डिहाइड्रेशन के लक्षण


डिहाइड्रेशन होने पर मुंह के अंदर सूखापन महसूस होना, त्वचा मुरझाना, अक्सर थकावट महसूस होना, पेशाब कम होना, सिरदर्द होना, चक्कर आना और होठों का फटना। मौसम बदलने पर डिहाइड्रेशन के तहत सर्दियों में होने वाले लक्षण सामने आते हैं।


डिहाइड्रेशन के कारण


डिहाइड्रेशन होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे तेज बुखार होना या अधिक एक्सरसाइज करना, उल्टी-दस्त होना, डायरिया या इंफेक्शन के कारण अधिक पेशाब होना। डाइबिटीज के मरीजों में डिहाइड्रेशन की संभावना अधिक रहती है। पानी और भोजन का सही मात्रा में न मिलना, त्वचा संक्रमण या अन्य रोग जिसमें पानी का क्षरण होता है।


कैसे करें बचाव


-हो सके ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करें।


-बाहर जाने से बचे और गये भी तो साथ मै कोई तरल पदार्थ जरूर ले कर जाये 


रोजाना करीब तीन लीटर पानी पियें।


-बासी भोजन का सेवन न करें।


-बाहर के खाने से परहेज करें।


-टाइम टाइम पर  तरल पदार्थ का सेवन करें।

 

BY-GARIMA YADAV

 

 

 

 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.