फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में कई अधिकारियों और नागरिकों के खिलाफ केस दर्ज
नासिक : भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया था कि मालेगांव में बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमान फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना रहे हैं। इसके बाद सरकार ने एसआईटी गठित कर मामले की जांच शुरू की। उसके बाद यहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में कई अधिकारियों और नागरिकों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। इस मामले में कुछ अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है। नायब तहसीलदार संदीप धरणकर और उनकी पत्नी के खिलाफ भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला दर्ज किया गया था। लेकिन तब गिरफ्तारी के डर से धरणकर दंपत्ति फरार हो गए थे। फरार धरणकर दंपत्ति को नासिक से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए जाने के बाद शुक्रवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और कोर्ट ने उन्हें 23 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने कुल 1,044 नागरिकों पर नगर निगम और तहसील कार्यालयों से फर्जी दस्तावेजों पर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगाया। सोमैया ने कहा कि कुछ मामलों में ये प्रमाण पत्र सीधे नगर निगम अधिकारियों द्वारा जारी किए गए थे और तहसील कार्यालय में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है।
मामले की गहन जांच एसआईटी कर रही है। जन्म प्रमाण पत्र मामले में पहला मामला 31 जनवरी को कैंट थाने में दर्ज किया गया था। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार किए गए जन्म प्रमाण पत्र मामले की जांच में पता चला कि नगर निगम के क्लर्क से लेकर तहसील कार्यालय के नायब तहसीलदार तक सभी इसमें शामिल हैं। इस मामले में यहां के नायब तहसीलदार संदीप धरणकर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है क्योंकि वित्तीय लेनदेन उनकी पत्नी दीपाली धरणकर के बैंक खाते से हुआ है। दोनों पिछले कुछ महीनों से फरार थे। आखिरकार कैंट पुलिस ने उन्हें नासिक में हिरासत में लिया। अदालत ने उन्हें 23 जून तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
रिपोर्टर : भूषण भुसारे
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