सिंधिया और जितिन के बाद पायलट का होगा ये कदम !

कांग्रेस की टूटी तिकड़ी क्या बीजेपी में जुड़ेगी !

सिंधिया और जितिन के बाद पायलट का होगा ये कदम !

सिंधिया और जितिन के बाद सब की नज़रें टिकी पायलट पर
सिंधिया, जितिन और पायलट की मशहूर थी तिकड़ी
सचिन पायलट की अशोक गहलोत से नाराज़गी बरकरार
11 महीने बाद भी सचिन की मांग नही हुई पूरी  

2014 लोक सभा चुनाव के बाद से लगातार कांग्रेस पार्टी संघर्ष करते हुए नज़र आ रही है अपनी खोई हई ज़मीन तलाशने की हर मुमकिन प्रयास कर रही है | मगर सत्ता में वापसी की डगर दिन बा दिन उसके लिए कठिन होती जा रही है| 2014 लोक सभा चुनाव हारने के बाद , कई राज्यों से कांग्रेस की छुट्टी हो गई और देखतेही देखते देश की सत्ता पे काबिज़ पार्टी चंद प्रदेशो में सिमट कर रह गई | दिल्ली , बंगाल,  बिहार, गोवा समेत कई ऐसे प्रदेश हैं जहा कभी कांग्रेस सत्ता के शीर्ष पे हुआ करती थी ,आज उन प्रदेशो में मात्र अपनी साख बचाने के लिए चुनाव लड़ रही है |  2014 और 20019 लोक सभा चुनाव में जिस तरह कांग्रेस को शिकस्त का सामना करना पडा उसके बाद से तो लगता है की पार्टी के वरिष्ठ नेताओ का पार्टी से भरोसा ही उठ गया हो जिसके चलते कांग्रेस के कई वरिष्ठ और लोक प्रिय नेताओ ने सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी का दामन थाम लिया हम बात कर रहे है कांग्रेस की सब से मजबूत तिकड़ी और राहुल गाँधी के बेहद करीबी माने जाने वाले, ज्योतिरादित्य सिंधिया , जितिन प्रसाद की | सिंधिया और जीतीं प्रसाद ने तो बीजेपी का दामन थाम लिया अब सबकी निगाहें सचिन पायलट पे टिकी हैं | 11 महीने पहले सचिन पायलट और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हुई खीच तान को ले कर अब चर्चाओ का बाज़ार फिर से गर्म हो गया है|

जितिन के जाने पर सचिन पायलट ने जताया दुःख

जितिन प्रसाद ने बुधवार को बीजेपी का दामन थामने पर सचिन पायलट ने एक अंग्रेजी चैनल को दिए गए बयान में कहा की जितिन प्रसाद का कोंग्रेस छोड़ कर बीजेपी में जाने से दुःख हुआ है | लगभग एक साल पहले जब सचिन पायलट और अशोक गश्लोत के बीच तनातनी चल रही जब जितिन प्रसाद ने भी कुछ इसी तरह दुःख प्रकट किया था जितिन ने ट्वीटर पर लिखा था- 'सचिन पायलट मात्र मेरे साथ काम करने वाले नहीं बल्कि मेरे दोस्त भी हैं। इस बात को कोई इनकार नहीं कर सकता कि उन्होंने पूरे समर्पण के साथ पार्टी के लिए काम किया है। उम्मीद करता हूं कि हालात जल्द ठीक हो जायेंगे, ऐसी नौबत आई इससे दुखी भी हूं।' आइये इस ग्राफिक्स के जरिये समझते है सचिन पायलट की नाराज़गी की वजह ......

सचिन पायलट की बगावत पर एक नज़र

11 महीने पहले ,मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ खोला था मोर्चा
सचिन ने 18 समर्थक विधयाकों के साथ बजाई थी बगावत की बिगुल
विभिन्न मांगों को ले कर किया था विद्रोह
उस समय सचिन को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम के पद से कर दिया गया था बर्खास्त
राहुल और प्रियंका गाँधी से वार्ता के बाद सचिन पायलट के ढीले पड़े थे तेवर

कांग्रेस की टूटी तिकड़ी क्या बीजेपी में होगी पूरी ?

अब एक बार फिर सब की निगाहें सचिन पायलट पे टिकी हैं,  की क्या कांग्रेस की तिकड़ी में वाहिद बचे सचिन पायलट भी अपने साथियों की राह अपनाएंगे या फिर कांग्रेस के साथ लम्बी पारी खेलेंगे | अगर सचिन पायलट के करीबियों की मने तो सचिन की जो शर्तें थी वो अभी तक पूरी नही हुई हैं जिन मांगों के साथ वो 18 विधायकों के साथ लौटे थे वो अभी तक अधूरी हैं | बताया जा रहा उनके विधयाकों को तोड़ने की भी कवायद जारी है | हालांकि सचिन के करीबियों ने बीजेपी में शामिल होने से इंकार किया है इससे पहले भी बगावत के वक़्त बीजेपी में जाने वाली ख़बरों को सचिन पायलट ने खारिज कर दिया था |

अब देखना यह काफी ज्यादा अहम होगा कि सचिन पायलट का बीजेपी में शामिल होने को लेकर जो अनुमान लगाया जा रहा है। वह सिर्फ अनुमान ही रह जाएगा ! या सिर्फ सचिन पायलट भी अपने साथियों की तरह बीजेपी में शामिल होकर कांग्रेस पार्टी को एक और झटका देंगे!

 

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