चमत्कार, मौत के मुँह से बाहर आया बुज़ुर्ग, बोला मैं जिंदा हूँ

छतरपुर में देखने को मिला चमत्कार 
मौत के मुँह से वापस आया बुज़ुर्ग 
अर्थी से उठा बुज़ुर्ग बोला मैं जिंदा हूँ
शरीर में कमजोरी आने से हुआ था बेहोश 

 

यूँ तो भारत देश में कई चमत्कार देखने को मिलते हैं... लेकिन क्या आप ने कभी किसी व्यक्ति को खुद अपनी अर्थी से उठकर ये कहते सुना है की मैं जिंदा हूँ??... ये सुनकर आप भी आश्चर्यचकित रह गये होंगे लेकिन ऐसा ही हुआ है  मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में जहाँ चारो तरफ रोने की आवाज़े आ रही होती हैं और पूरा परिवार एक 96 साल के वृद्ध व्यक्ति के अंतिम संस्कार की तैयारियां कर रहा होता है... इसी बीच बुज़ुर्ग उठता है और कहता है की मैं जिंदा हूँ... ये सुनकर पुरे परिवार में ख़ुशी की लहर दौड़ जाती है... 

छतरपुर में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है,जहां अर्थी से एक बुजुर्ग उठ खड़ा हुआ है,और सभी से बोला कि मैं जिंदा हूं,मामला लवकुशनगर थाना क्षेत्र के चंदला रोड का है, जहां पर 96 वर्षीय मनसुख कुशवाहा निवास करते हैं और वह लगभग 2 वर्षों से बीमार चल रहे थे, और 96 वर्ष की उम्र होने के चलते उनके शरीर में कमजोरी भी आ गई थी,वही अचानक से घरवालों देखा वह कुछ भी नहीं बोल रहे हैं और उन्होंने जब देखा तो उन्हें लगा कि इनकी मौत हो चुकी है,और उन्होंने आसपास के पड़ोसियों सहित उनके रिश्तेदारों को इस बारे की खबर दी गई ,रिस्तेदारो और पड़ोसियों ने पहुंच कर अंतिम संस्कार की सारी तैयारियां कर भी कर ली, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के रिवाज से अंतिम संस्कार के दौरान गौ दान भी किया जाता है, इसीलिए बुजुर्ग के उसमें  गौ दान भी कर दिया गया,अंतिम संस्कार की तैयारियों के बाद उन्हें अर्थी पर लिटाया गया और जैसे ही अर्थी ले जाने वाले थे तभी बुजुर्ग मनसुख बोल पड़े कि मैं अभी जिंदा हूं,अचानक से ही लोगों ने रोना-धोना बंद कर दिया और उनके खुशी से आंसू छलक उठे,उनके बेटों  कहना है कि उनके पिता भगवान के घर से लौट आए हैं,वही अब जो भी इस बारे में सुन रहा है वह बुजुर्ग मनसुख को देखने उनके घर पहुंच रहा है,और लोगों का उन्हें देखने के लिए तांता लगा हुआ है,

अचानक उठ बैठा मुर्दा बोला- अभी मैं जिंदा हूं! खुशी में बदले आंसू, कईयों के  पैरों तले खिसक गई जमीन - dead became alive in chhatarpur

मनसुख के पुत्र ने बताया कि उनलोगों ने  उन्हें मृत समझकर अंतिम संस्कार की सारी तैयारियां कर ली थी ,अर्थी भी सजा  ली गई थी,और घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल था,लेकिन जैसे ही वह बोल पड़े सभी लोगों के आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे,और उन्होंने भगवान का धन्यवाद अदा किया है,उनका मानना है कि भगवान ने उन्हें अपने घर से वापस भेज दिया है,उनके पुत्र ने बताया कि 96 वर्ष की उम्र होने के चलते वे 2 साल से बहुत बीमार थे, और उनके शरीर में कमजोरी बेहद आ गई थी,लेकिन अब वह बिल्कुल ठीक हैं,और उन्हें खुशी है की उन्हें अपने बुजुर्ग पिता की अब फिर से सेवा करने का अवसर मिला है,और उनके 3 बेटे और पूरा परिवार अब फिर से उनकी सेवा में लग गया है,स्थानीय लोग भी इसे भगवान का चमत्कार मान रहे है,वही उनकी बहू ने बताया कि उन्होंने घर के पास ही एक मन्दिर बनवाया था,जिसमे कलश चढ़ाया जाना था,और सीधे होश में आते ही बुजुर्ग बोले कि मेरी इच्छा रह गई है,और मंदिर पर कलश चढ़ाना है,और ततकाल ही परिजनों ने कलश मंगवाकर मंदिर पर चढ़वाया

इस खबर से कही ना कही हमे ये सीख ज़रूर मिलती है की अगर घर का कोई सदस्य बीमार हो खासकर कोई वृद्ध या बुज़ुर्ग तो उनकी तबियत बिगड़ने पर सबसे पहले उन्हें मेडिकल परिक्षण के लिए डॉक्टर के पास ज़रूर ले जाये और सूझ बूझ से काम ले... 

 

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