क्या भारत-चीन के बीच होंगा युद्ध

तमाम सैन्‍य वार्ताओं के बावजूद पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव  कायम है.. चीन लगातार भारत के खिलाफ सीमा पर अपनी रणनीति बनाने में जुटा है. एल.ए.सी पर वो सामरिक रणनीति की तैयारी के साथ निगरानी तंत्र को भी मजबूत कर रहा है.. इस रणनीति में चीन ने अब पाक को भी शामिल कर लिया है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चीन ने पाक सेना के अधिकारियों को सीमा के थिएटर कमांडर के मुख्‍यालय में तैनात किया है.. बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच ख़ुफ़िया सूचनाओं को साझा करने के करार के बाद चीनी सेना ने यह कदम उठाया है. ऐसे में ये सवाल उठता है कि क्‍या चीन एक और युद्ध की तैयारी कर रहा है... क्‍या उसकी योजना किसी नए जंग की है.. भारत ने चीन की सामरिक रणनीति को काटने की क्‍या योजना बनाई है...

गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद चीन फिलहाल पूरी आक्रामक दिखाई दे रहा है. भारत को युद्ध की ओर धकेलने और उकसाने वाली हरकतों के लिए चीन पूरी तरह कोशिश कर रहा है. विस्तारवादी सोच के लिए विख्यात चीन इसके लिए वह एलएसी में बदलाव की पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत अपनी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. भारत के विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट रूप से चीन को चेतावनी दी है और कहा है कि LAC पर सेना की जो भी तैनाती की गई है वो चीन की तैयारियों के जवाब में है. चीन की तरफ से यदि कोई भी हरकत होती है तो भारत को पूरा हक है कि वो इसका माकूल जवाब दे. भारत लगातार इस बात जोर देता रहा है कि चीन लद्दाख में पहले से अनसुलझे मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाए.

इसमें कोई संदेह नहीं है कि चीन की कथनी और करनी में हमेशा से अंतर रहा है. भारत के साथ लगातार कई दौर की वार्ता के बाद भी चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. चीन लगातार भारत के खिलाफ सीमा पर अपनी रणनीति बनाने में जुटा है. एलएसी पर वह निगरानी तंत्र को भी मजबूत कर रहा है. अब चीन ने नई रणनीति के तहत भारत को घेरने के लिए अब पाकिस्तान को भी शामिल कर लिया है. चीन ने अब सीधे रूप पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को सीमा के थिएटर कमांडर के मुख्याालय में तैनात किया है. इसका मतलब है कि बीजिंग और इस्लािमाबाद के बीच खुफिया सूचनाओं को साझा करने के करार के बाद चीनी सेना ने यह कदम उठाया है. इसका मतलब साफ है कि क्या चीन अब पाकिस्तान की मदद से एक और युद्ध की तैयारियों में जुट गया है.

वर्तमान में चीन भारत के साथ सैन्य  संघर्ष में नहीं उलझना चाहता. इसमें कोई संदेह नहीं कि वर्तमान में भारत के साथ सीमा विवाद को लेकर चीन आए दिन कोई न कोई हरकतें कर रहा है, लेकिन यह किसी बड़ी जंग में बदलता नहीं दिख रहा है. वर्तमान में चीन कई अन्ये समस्याोओं में बुरी तरह से उलझा हुआ है. वहीं कोरोना महामारी के बाद से किसी देश के ऐसे हालात नहीं है कि वह किसी से युद्ध करे जबकि अमेरिका ने जिस तरह से चीन को उसके घर में ही घेरा है, उससे उसकी स्थिति बिल्कुल ठीक नहीं है. अमेरिका के लगातार दबाव से चीन लगातार बौखलाया हुआ है. 
सूत्रों का कहना है कि चीनी सेना पूर्वी लद्दाख के गतिरोध वाले हिस्सों में सैनिकों की संख्या लगातार बढ़ा रही है. सीमा से सटे तिब्बत में टैंक और फाइटर जेट्स की तादात को बढ़ा रहा है. हालांकि भारत भी चीन को चुनौती देने के लिए पहले से ही अपनी संख्या बढ़ा चुका है. भारत के आर्मी चीफ ने भी माना है कि चीनी सेना ने फॉरवर्ड क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती की है, जो चिंता का विषय है. आर्मी चीफ मुकुंद नरवणे ने भी कहा है कि हम इस पर नजर बनाए हुए हैं और भारतीय सेना हर चुनौती का सामना करने लिए तैयार है.

चीन किसी भी कीमत पर भारत को दबाव बनाने से पीछे नहीं हटता. एक तरफ चीन सैन्य वार्ता कर सभी समस्याएं सुलझाने का दावा करता है तो वहीं दूसरी ओर भारत में वार्ता से पहले दबाव बनाने की कोशिश करता है. फिलहाल भारतीय सेना भी हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र के समाधान के लिए चीनी सेना के साथ 13वें दौर की सैन्य वार्ता को लेकर आशान्वित है. हालांकि एकतरफ सीमा पर चीनी सैनिकों का जमावड़ा और दूसरी ओर दोनों देशों के बीच सैन्य वार्ता दोनों देशों के लिए उलझन जरूर पैदा करता है. फिलहाल चीन सीमा पर अपनी हरकतें जरूर तेज कर दी है ताकि भारत में दबाव जरूर बनाया जा सके.  

फूंक-फूंककर कदम रख रहा है भारत....सैन्य वार्ता को लेकर भारत बहुत फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है. .....भारतीय सेना चीन के इरादों को बखूबी जानती है कि वह कभी भी अपना पैंतरा बदल सकती है...... भारत को पहले से भी चीनी सेना पर भरोसा नहीं रहा है..... हालांकि सैन्य वार्ता के जरिये कई समस्याओं का हल जरूर निकला है, लेकिन वर्तमान में चीन की हरकतों को देखकर भारत को कोई सकारात्मक उम्मीद नजर नहीं आ रहा है.

भारत चीनी सेना पर आपनी पूरी  नजर बनाए हुए हैं. भारत ने चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूर्वी लद्दाख में पहली बार ऊंचाई वाले इलाके में K9-वज्र तोपें भी तैनात की है. वहीं, भारत ने चीन से लगती पूर्वी सीमा पर करीब दो महीने पहले ही हथियारों से लैस राफेल विमानों की तैनाती कर दी थी. और आगर अब चीन युद्ध करता भी है तो भारत चीन को ईट का जवाब पत्थर से देने के लिए पूरी तरह तैयार है ... 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.