नूर खान बेस पर अफगानिस्तान का हमला, 35 पाक सैनिक मारे गए

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले चार दिनों से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं, और सीमा पर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को घोषणा की कि अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

तालिबान का पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर हमला

अफगान रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया कि हमले रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर हुए। इसके अलावा बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वीं डिवीजन के मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई कैंप पर भी बमबारी की गई। तालिबान का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तान के कई अन्य महत्वपूर्ण सैन्य कमांड सेंटरों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह ऑपरेशन पाकिस्तानी सेना की हालिया घुसपैठ का बदला है। पाकिस्तान ने पिछले दिनों काबुल और बगराम एयरबेस पर हमले किए थे। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने फिर से अफगान हवाई सीमा का उल्लंघन किया या कोई आक्रामक हरकत की, तो उसे और भी कड़ा और निर्णायक जवाब मिलेगा।

स्थिति तब और बढ़ गई जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का एलान किया। पाकिस्तान ने शुक्रवार को काबुल और कंधार में एयरस्ट्राइक की थीं, जिसके कुछ ही घंटों बाद अफगान सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पाकिस्तान की वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण ठिकाना है और इसे मई 2025 में भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी निशाना बनाया गया था। उस हमले में बेस के ढांचे को काफी नुकसान हुआ था।

तालिबान का पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर हमला

टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान ने रातभर चले हमलों में 32 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 203 मंसूरी, 201 सिलाब और 205 अल-बद्र कॉर्प्स ने इन ऑपरेशनों को अंजाम दिया। इस दौरान 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 10 घायल हुए और चार सैन्य चौकियां पूरी तरह तबाह हो गईं। अफगान सेना ने पाकिस्तान के दो सैन्य ड्रोन भी मार गिराए।

पाकिस्तान पर हमला, नूर खान बेस ध्वस्त... 32 सैनिकों की मौत

डिप्टी प्रवक्ता सेदिकुल्लाह नसरत ने कहा कि सेना ने नंगरहार, पक्तिया, खोस्त और कंधार प्रांतों में दुश्मन के खिलाफ लेजर हथियारों और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया। फिलहाल इन हमलों के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव बना हुआ है और दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां लगातार जारी हैं।

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