18 फरवरी से राज्य में लागू व्यवस्था, हजारों ग्राहकों की बिजली पहले ही कटी

पुणे : राज्य में लगाए जा रहे स्मार्ट (प्रीपेड) बिजली मीटरों के कारण अब बकाया बिल पर बिजली कटौती पूरी तरह ऑटोमेटिक हो गई है। महावितरण ने 18 फरवरी से इस नई प्रणाली को लागू कर दिया है। इसके तहत यदि ग्राहक बिल जमा नहीं करता, तो नोटिस के बाद निर्धारित समय पूरा होते ही बिना कर्मचारी के घर आए बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है।जानकारी के अनुसार जिन उपभोक्ताओं पर 89 दिनों से अधिक का बकाया है, उनकी बिजली कनेक्शन प्रणाली द्वारा सीधे काटे जा रहे हैं। पहले बिजली कर्मचारी घर-घर जाकर फ्यूज निकालते थे, जिससे समय और मानव संसाधन खर्च होता था। अब स्मार्ट मीटर रिमोट कमांड से ही बिजली बंद-चालू कर देता है। महावितरण के मुताबिक बिल जमा करने के बाद कनेक्शन भी अपने-आप शुरू हो जाता है और इसके लिए अलग से पुन:जोड़ शुल्क नहीं देना पड़ता। राज्य में अब तक लाखों स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें पुणे परिक्षेत्र में ही हजारों ग्राहकों की बिजली हाल ही में काटी गई है।

ग्राहकों में भ्रम

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि योजना लागू होने से पहले पर्याप्त जनजागरण नहीं किया गया, इसलिए कई उपभोक्ताओं को अचानक बिजली कटने का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों का आरोप है कि गलत बिल के मामलों में भी बिजली बंद हो रही है, जिससे परेशानी बढ़ी है। महावितरण ने स्पष्ट किया है कि जो ग्राहक समय पर भुगतान करेंगे, उन्हें किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा, जबकि लगातार बकाया रखने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

रिपोर्टर - प्रभव चंद्रकांत काले 

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