Tamar में कांची नदी पर बना पुल ध्वस्त, 3 साल पहले करोड़ों की लागत से बना था पुल

चक्रवात यास की दस्तक के बाद बंगाल और ओडिशा में भारी तबाही हुई। इस चक्रवात का असर झारखंड में भी काफी ज्यादा देखने को मिला। यहां पर राजधानी रांची में उद्घाटन से पहले ही करोड़ों का पुल ध्वस्त हो गया है। चक्रवाती तूफान यास की वजह से रांची जिला के बुंडू स्थित कांची नदी पर पुल बहाव को बर्दाश्त नहीं कर पाया और ध्वस्त हो गया। हालांकि लोग इसके पीछे पानी के तेज बहाव के साथ ही अवैध तरीके से चल रहे बालू के उत्खनन को मुख्य कारण बता रहे हैं।

रांची जिला के बुंडू थाना क्षेत्र के कांची नदी पर बना पुल करीब 10 करोड़ की लागत से बनाया गया था। साल 2014 में पुल का शिलान्यास रखा गया था और 2019 में इसे लोगों के लिए खोल दिया गया। हालांकि पुल का विधिवत उद्घाटन अबतक नहीं हो पाया है। महज 2 साल के अंदर ही करोड़ों का पुल ध्वस्त हो जाना कई सवालों को जन्म दे रहा है।

बालू का उत्खनन मुख्य कारण

कांची नदी पर बना करोड़ों का पुल सिर्फ तेज पानी के बहाव के कारण नहीं ध्वस्त हुआ है। स्थानीय लोगों के साथ ही तमाड़ के झामुमो विधायक विकास सिंह मुंडा बालू के अवैध उत्खनन को इसके लिए मुख्य कारण बताते हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो बालू माफिया गैरकानूनी तरीके से लगातार बालू का खनन कर रहे हैं। इससे पुल का पाया कमजोर हो गया है। इस बीच चक्रवाती तूफान की वजह से भारी बारिश हुई और नदी के तेज बहाव का झटका पुल नहीं सह पाया।

पूरे मामले की होगी जांच

झारखंड की सत्ताधारी पार्टी के तमाड़ विधायक विकास सिंह मुंडा ने कहा है कि, कांची नदी पर बना पुल कई गांव को जोड़ता है। महज 2 साल के अंदर ही पुल का ध्वस्त हो जाना इसके निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। लिहाजा वे सरकार से इस पूरे मामले की जांच की मांग करेंगे। उन्होंने Contractor को सवालों के दायरे में खड़े करते हुए कहा कि सरकार दोषियों को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ेगी।

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