अब AI देगा खेती की सलाह: 'भारत-विस्तार' टूल से लैस होंगे देश के किसान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक और उच्च मूल्य वाली फसलों (High-Value Crops) से जोड़कर किसानों की कमाई बढ़ाना है।

1. चंदन और नारियल: अब खेती बनेगी 'प्रीमियम'

सरकार ने नकदी फसलों के जरिए किसानों को मालामाल करने की योजना बनाई है: नारियल संवर्धन योजना: पुराने पेड़ों को हटाकर नई और उन्नत किस्मों के पौधे लगाए जाएंगे। भारत को काजू और कोको के क्षेत्र में 2030 तक 'ग्लोबल ब्रांड' बनाने का लक्ष्य है। चंदन की खेती: अब चंदन की खेती और उसके बाद की प्रोसेसिंग को आसान बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी, जिससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार का लाभ मिले।

2. मत्स्य पालन और पशुपालन: नीली और श्वेत क्रांति पर जोर

केवल फसलों पर निर्भरता कम करने के लिए अन्य क्षेत्रों को मजबूत किया जा रहा है: मछली पालन: 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों को विकसित किया जाएगा। महिलाओं और स्टार्टअप्स को इस क्षेत्र से जोड़कर नई मार्केट चेन बनाई जाएगी। पशुपालन: डेयरी और मुर्गीपालन (Poultry) के आधुनिकीकरण के लिए सस्ती दरों पर लोन और सब्सिडी मिलेगी। इसके लिए विशेष 'पशुधन किसान उत्पादक संगठन' बनाए जाएंगे।

3. 'भारत-विस्तार': किसानों का अपना AI सलाहकार

बजट में तकनीक का सबसे बड़ा कदम "भारत-विस्तार" (Bharat-VISTAAR) टूल है: यह एक बहुभाषीय AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) टूल है। यह किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में मौसम, फसलों की बीमारियों और खेती के सही तरीकों की सटीक सलाह देगा।

4. पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों का कायाकल्प

अखरोट और बादाम: पहाड़ी इलाकों में अखरोट, बादाम और खुमानी के पुराने बागों को बचाने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी। अगर (Agar) की खेती: पूर्वोत्तर (North-East) के राज्यों में 'अगर' के पेड़ों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसकी वैश्विक बाजार में बहुत अधिक मांग है।

यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार अब केवल अनाज उगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह किसानों को एग्रो-बिजनेसमैन बनाने की दिशा में काम कर रही है, जहाँ एआई (AI) तकनीक और हाई-वैल्यू फसलों का बोलबाला होगा।

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