सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को लेकर दायर याचिकाओं पर चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है। सोमवार को अदालत ने टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन की याचिकाओं पर सुनवाई की।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि SIR से जुड़े निर्देश व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं, जबकि इसके लिए कोई औपचारिक आदेश मौजूद नहीं है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर्स) को बिना लिखित आदेशों के कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
इसके अलावा, टीएमसी ने चुनाव आयोग द्वारा ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ श्रेणी शुरू किए जाने पर भी आपत्ति जताई है, और इसे प्रक्रिया की पारदर्शिता के खिलाफ बताया है।
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