जंगल में मातम :शेर का कहर तेन्दूपत्ता तोड़ने गई 4 औरतों की शेर ने ली जान
सिंदेवाही (चंद्रपुर) : चंद्रपुर जिले में मानव और वन्यजीव संघर्ष बढ़ता जा रहा है। 22 मई की सुबह गुंजेवाही जंगल में तेंदूपत्ता इकट्ठा करने गई महिलाओं पर बाघ ने हमला कर दिया। इस हमले में 4 महिलाओं की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव वाले, वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
तेंदूपत्ता का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण जंगलों में तेंदूपत्ता इकट्ठा करने जाते हैं। बाघों के कॉरिडोर क्षेत्र में तेंदू के पेड़ होने के कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालकर जंगल जाते हैं। पिछले वर्ष भी तेंदूपत्ता सीजन में बाघों के हमले बढ़ने के कारण वन विभाग ने लोगों को जंगल में न जाने की सलाह दी थी।
वन विभाग की चेतावनी को नजरअंदाज कर लोग जंगल में तेंदूपत्ता इकट्ठा करने जा रहे हैं। आज 22 मई की सुबह कुछ महिलाएं गुंजेवाही के जंगल में गई थीं। तेंदूपत्ता तोड़ते समय घात लगाकर बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया।
मृत महिलाओं में 45 वर्षीय कवडूबाई दादाजी मोहुर्ले, 40 वर्षीय अनिताबाई दादाजी मोहुर्ले, 50 वर्षीय संगीता संतोष चौधरी और 38 वर्षीय सुनीता कौशिक मोहुर्ले शामिल हैं।
आज दुपहर चारो महिलाओ की लाश बरामद की
महिलाओं पर हमला एक ही बाघ ने किया या वहां कई बाघ थे, इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। वर्ष 2026 के पिछले 5 महीनों में मानव-वन्यजीव संघर्ष में कुल 21 लोगों की जान जा चुकी है।
रिपोर्टर : गौतम मंडल

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