नेपाल से छोड़े गए पानी ने बढ़ाई तबाही की आहट

बाराबंकी : उत्तर प्रदेश बाराबंकी में नेपाल के बैराजों से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद सरयू नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए खतरे के लाल निशान से 8 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि बाढ़ का पानी कई गांवों में प्रवेश कर चुका है। जबकि 40 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा लगातार मंडरा रहा है।बाराबंकी जिले में सबसे अधिक प्रभावित रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर तहसील के दर्जनों गांव प्रत्येक वर्ष बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।रामनगर तहसील के सुंदर नगर गांव में बाढ़ का पानी आबादी तक पहुंच गया है।जबकि सिरौलीगौसपुर के कहारनपुरवा में भी पानी तेजी से रिहायशी इलाके की ओर बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि रामनगर के हेतमपुर तटबंध पर ग्रामीण अपने परिवार और मवेशियों को बचाने के लिए अस्थायी झोपड़ियां बनाकर डेरा डालने लगे हैं। कई जगह लोग अपने स्तर पर तटबंधों को बचाने के लिए मिट्टी और डेला डालकर कटान रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उधर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है।डीएम ईशान प्रताप सिंह के निर्देशन में रामनगर एसडीएम आकांक्षा गुप्ता लगातार तराई क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा ले रही हैं और संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक निर्देश दे रही हैं।यदि सरयू का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले घंटों में हालात और भयावह हो सकते हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। बाढ़ की यह दस्तक अब धीरे-धीरे बड़े खतरे का संकेत देती नजर आ रही है।

रिपोर्टर : नफीस अहमद

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