जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द समेत परीक्षा सुधार के फैसलों का विनोद कुशवाहा ने किया स्वागत, कहा- छात्रों के आंदोलन ने बदलाव की शुरुआत की
हजारीबाग : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों और छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार की ओर से लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों का कांग्रेस प्रदेश कॉर्डिनेटर विनोद कुशवाहा ने स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार के फैसले छात्रों के हित में हैं और इससे राज्य की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में नई शुरुआत होगी। विनोद कुशवाहा ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का निर्णय, टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने, वर्ष 2014 से अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच कराने तथा जेएसएससी सीजीएल में व्यापक सुधार के लिए विशेष टीम गठित करने जैसे फैसले परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने बताया कि जेएसएससी सीजीएल में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक टीम गठित की जाएगी। यह टीम अलग-अलग संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर परीक्षा प्रक्रिया में आवश्यक सुधारों को लागू करने का काम करेगी। कुशवाहा के अनुसार, इससे परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र की सुरक्षा, भर्ती प्रक्रिया और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों युवाओं का भविष्य परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया ऐसी हो, जिसमें किसी भी अभ्यर्थी को अनुचित लाभ या नुकसान की स्थिति का सामना न करना पड़े। विनोद कुशवाहा ने कहा कि झारखंड अब ऐसी परीक्षा सुधार व्यवस्था विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा, जहां पेपर लीक, हेराफेरी और किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए कोई जगह न हो। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाला प्रत्येक छात्र यह विश्वास लेकर परीक्षा दे कि उसकी मेहनत और योग्यता के आधार पर ही उसका चयन होगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। एक मजबूत, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुरक्षित परीक्षा प्रणाली तैयार करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इन फैसलों से छात्रों के हितों की रक्षा करने और भर्ती परीक्षाओं में विश्वास बहाल करने की दिशा में सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन से शुरू हुआ यह बदलाव आने वाले समय में झारखंड की परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा तथा योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रिपोर्टर : मुकेश सिंह
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