किसानों की धान के फसलों को भारी नुकसान – सरकार तत्काल जांच कर राहत एवं मुआवजा प्रदान करे - विष्णु लोधी

डोंगरगढ़ : भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोथा’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण किसानों के खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। विशेष रूप से राजनांदगांव जिले में धान की फसलें बड़ी मात्रा में क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। खेतों में भरे पानी से फसलें सड़ने लगी हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विष्णु लोधी ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा किसानों के लिए अत्यंत दुखद परिस्थिति है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि:

1. कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर खेतों का तत्काल सर्वेक्षण किया जाए।

2. प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा एवं राहत राशि शीघ्र प्रदान की जाए।

3. जिन किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम जमा किया है, उन्हें बीमा कंपनियों से त्वरित क्षतिपूर्ति दिलाने की प्रक्रिया आरंभ की जाए।
विष्णु लोधी ने कहा कि किसान छत्तीसगढ़ की आर्थिक रीढ़ हैं, और आज जब वे संकट में हैं, तो सरकार का नैतिक कर्तव्य है कि उन्हें हर संभव राहत और सहयोग प्रदान करे। उन्होंने यह भी अपील की कि प्रशासन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित गांवों में आपदा राहत शिविर और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी करे।
उन्होंने अंत में कहा किसान सिर्फ अनाज नहीं, जीवन की आशा बोता है। ऐसे समय में उसकी पीड़ा पूरे समाज की पीड़ा है। सरकार को किसानों के साथ खड़े होने का समय अभी है।

रिपोर्टर - महेन्द्र शर्मा

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