ऊंची इमारत पर लटके मजदूर की कमाई - 10 लाख
एक ऊंची इमारत के बाहर हार्नेस के सहारे काम करता पेंटर पहली नजर में आम मजदूर लगता है। लेकिन जब उससे उसकी जिंदगी और काम को लेकर बातचीत होती है, तो उसकी कहानी कई धारणाओं को तोड़ देती है।
वह बताता है कि वह कंस्ट्रक्शन के काम से हर महीने करीब 35 हजार रुपये कमाता है। इसके साथ ही वह अपने गांव में खेती भी करता है। उसकी मुख्य फसल गन्ना है, जिससे साल भर में लगभग 10 लाख रुपये की आमदनी हो जाती है। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने अपने काम और समय को इस तरह संतुलित किया है कि वह शहर और गांव—दोनों से जुड़ा हुआ है।
ऊंचाई पर काम करने के जोखिम को लेकर जब उससे पूछा जाता है कि क्या कमर दर्द या डर नहीं लगता, तो उसका जवाब बेहद सहज होता है। वह कहता है कि यह उसका रोज़ का काम है और शरीर अब इसकी आदत डाल चुका है। सबसे खास बात यह है कि वह खुद को किसी नौकरी में बंधा हुआ महसूस नहीं करता और जरूरत पड़ने पर छुट्टी भी ले सकता है।
उसकी सादगी और आत्मविश्वास यह दिखाते हैं कि सफलता केवल एक तय ढांचे में नहीं आती। यह कहानी बताती है कि मेहनत, आत्मनिर्भरता और संतोष मिलकर वह मुकाम बनाते हैं, जिसे अक्सर सिर्फ बड़ी नौकरी या ऊंची सैलरी से जोड़ दिया जाता है।
यह मजदूर किसी प्रेरक भाषण का हिस्सा नहीं, बल्कि उस हकीकत का चेहरा है, जो बताती है कि असली सफलता जमीन से जुड़ी सोच और अपने काम पर विश्वास से पैदा होती है।

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