4 साल की उम्र में खोया, चीन से पहुंचा कनाडा, अब 24 साल बाद पिता से मिला, ऐसे हुई पहचान
कभी-कभी जिंदगी में ऐसी घटनाएं हो जाती हैं जो किसी व्यक्ति का पूरा जीवन बदल देती हैं। चीन में इन दिनों एक ऐसी ही भावुक कहानी चर्चा में है, जिसने लोगों को हैरान भी किया और भावुक भी। एक बच्चा जो बचपन में अपने परिवार से बिछड़ गया था, वह करीब 24 साल बाद आखिरकार अपने पिता से मिल पाया। यह भावुक मिलन पूर्वोत्तर चीन में हुआ और इसके साथ ही उस लंबी तलाश का अंत हुआ जो तब शुरू हुई थी जब वह केवल 4 साल का था और रेलवे स्टेशन पर खो गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, इस युवक का नाम झांग युनपेंग है, जिसकी उम्र अब 28 साल है। उसकी मुलाकात अपने पिता झांग जिउचेंग से 2 मार्च को चीन के जिलिन प्रांत के हुआइनान काउंटी में आयोजित एक कार्यक्रम में हुई। इतने सालों बाद जब दोनों आमने-सामने आए तो पिता-पुत्र भावुक होकर गले लग गए और दोनों की आंखों में आंसू आ गए। लंबे समय तक विदेश में रहने के कारण युनपेंग की चीनी भाषा थोड़ी कमजोर हो गई थी, लेकिन फिर भी उन्होंने अपने पिता से कहा कि वह उनसे बहुत प्यार करते हैं।
रेलवे स्टेशन से हो गए थे गायब
साल 2001 में झांग युनपेंग लियाओनिंग प्रांत के शेनयांग रेलवे स्टेशन से अचानक लापता हो गए थे। उस समय उनकी उम्र केवल 4 साल थी। बताया जाता है कि उनके चाचा उन्हें स्टेशन पर छोड़कर आइसक्रीम लेने गए थे और इसी दौरान बच्चा कहीं गायब हो गया। बाद में जब वह मिला तो उसे एक नगरपालिका कल्याण केंद्र में भेज दिया गया, जहां उसका नाम बदलकर शेन हुआइबाई रख दिया गया।
गोद लेने के बाद विदेश में संघर्ष
साल 2005 में एक कनाडाई दंपति ने उसे गोद लिया और वह उनके साथ कनाडा चला गया। लेकिन दुर्भाग्य से गोद लेने के तीन महीने बाद ही उस दंपति का तलाक हो गया और दोनों में से किसी ने भी उसकी जिम्मेदारी नहीं ली। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने उसे एक होमस्टे परिवार के साथ रहने भेज दिया। उस परिवार में पहले से ही नौ बच्चे थे, इसलिए उसे ज्यादा देखभाल और ध्यान नहीं मिल पाया। माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उसे अपने खर्च के लिए खुद काम करना पड़ा।
असली परिवार की तलाश
पिछले साल सोशल मीडिया पर बिछड़े लोगों के मिलन की कई कहानियां देखने के बाद युनपेंग ने भी अपने असली माता-पिता को खोजने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने “बेबी रिटर्निंग होम” नाम के एक संगठन से संपर्क किया, जो लोगों को उनके जैविक परिवारों से मिलाने में मदद करता है। इस संगठन ने कनाडा में रहने वाले चीनी पीएचडी छात्र गाओ यांग से युनपेंग की मदद करने का अनुरोध किया। गाओ यांग के अनुसार, जब उन्होंने पहली बार युनपेंग को देखा तो वह बहुत कमजोर और परेशान लग रहे थे।
डीएनए टेस्ट से मिला परिवार
युनपेंग ने डीएनए जांच के लिए अपना खून का नमूना दिया, जिसे चीन के नेशनल डीएनए डेटाबेस में भेजा गया। कुछ ही दिनों में रिपोर्ट आ गई और इससे उनके असली माता-पिता की पहचान की पुष्टि हो गई। जब झांग जिउचेंग ने अपने बेटे की तस्वीर देखी तो उन्होंने तुरंत पहचान लिया। उनका कहना था कि बेटा बिल्कुल उन्हीं की तरह दिखता है और उन्हें किसी और सबूत की जरूरत नहीं थी।
बेटे से मिलने के बाद पिता का वादा
अपने बेटे से मिलने से पहले ही झांग जिउचेंग ने उसे 10,000 युआन (लगभग 1,400 अमेरिकी डॉलर) भेजे थे। उन्होंने कहा कि अब वह बीते हुए वर्षों की दूरी को खत्म करना चाहते हैं और अपने बेटे को जीवन की हर खुशी देने की पूरी कोशिश करेंगे।
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