डॉक्टरों का चमत्कार, 69 साल की महिला के पेट से निकाला बच्चे के साइज का ट्यूमर, 6 किलो का मांस देख उड़े होश!

मेडिकल साइंस में समय-समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जो न सिर्फ चौंका देती हैं बल्कि जटिल सर्जरी को अंजाम देने वाले डॉक्टरों की दक्षता पर गर्व भी कराती हैं। आज हम आपको ऐसी ही एक असाधारण सर्जरी के बारे में बता रहे हैं, जिसमें सर्जनों की एक टीम ने एक बुजुर्ग महिला के शरीर से जानलेवा बन चुके एक बेहद बड़े ट्यूमर को निकालकर उसे नया जीवन दिया।

यह मामला इटली के ट्यूरिन शहर का है। जानकारी के अनुसार, 69 वर्षीय महिला को कई महीनों तक इस बात का अंदाजा ही नहीं था कि उसके पेट में एक विशाल ट्यूमर तेजी से विकसित हो रहा है। समय के साथ यह ट्यूमर इतना बड़ा हो गया कि इसका आकार लगभग एक पूर्ण अवधि के नवजात शिशु जितना हो गया। हालात तब और गंभीर हो गए जब यह डिम्बग्रंथि (ओवेरियन) ट्यूमर महिला की बड़ी आंत (कोलन) पर दबाव डालने लगा।

इसके बाद महिला को अचानक पेट में असहनीय दर्द होने लगा। वह तुरंत अस्पताल पहुंची, जहां जांच में सामने आया कि उसकी आंतों में गंभीर अवरोध पैदा हो चुका है, जिससे उसकी जान को सीधा खतरा हो गया था। हालत नाजुक होने के कारण महिला को तत्काल भर्ती किया गया और डॉक्टरों ने बिना देरी किए आपातकालीन सर्जरी करने का निर्णय लिया।

करीब छह घंटे तक चली इस बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में सर्जन टीम ने 28 सेंटीमीटर लंबे ट्यूमर को सफलतापूर्वक शरीर से बाहर निकाल दिया। जब ट्यूमर को तौला गया तो उसका वजन करीब 6 किलोग्राम (लगभग 13 पाउंड) निकला, जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। ट्यूरिन के ‘सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंस’ अस्पताल ने इसकी तुलना “पूर्ण अवधि की जुड़वां गर्भावस्था” से की है। अस्पताल के अनुसार, महिला में सबसे गंभीर लक्षण आंतों से जुड़ी समस्याओं के थे, जिनसे निपटने के लिए कई विशेषज्ञों को तुरंत और मिलकर इलाज करना पड़ा।

यह सर्जरी महिला के लिए जीवनरक्षक साबित हुई। इस सफलता का श्रेय किसी एक डॉक्टर को नहीं, बल्कि ऑन्कोलॉजिकल गायनेकोलॉजिस्ट, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और नर्सिंग स्टाफ समेत पूरी मेडिकल टीम को जाता है। सभी विशेषज्ञों ने मिलकर 23 दिसंबर को इस बेहद जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

डॉक्टरों के अनुसार, बुजुर्ग महिला के लिए यह दौर बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि विशाल ट्यूमर के दबाव से शरीर के अन्य अंगों के काम करना बंद करने का खतरा पैदा हो गया था। हालांकि, डॉक्टरों की समय पर की गई कार्रवाई और उनकी विशेषज्ञता ने उसे नया जीवन दिया। सर्जरी के बाद महिला को निगरानी के लिए आईसीयू में रखा गया, जहां अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इटली के इन ‘हीरो सर्जनों’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बेहतरीन टीमवर्क और आधुनिक चिकित्सा तकनीक के जरिए मौत के मुहाने पर पहुंचे मरीज को भी बचाया जा सकता है।

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