गाली गलौज , मारपीट कर फायरिंग और जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर जान से मारने की धमकी के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त

झांसी। ग्राम प्रधान व उसके दलित साथी के साथ गाली गलौज , मारपीट कर फायरिंग और जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर जान से मारने की धमकी के मामले में आरोपी को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी,उसका जमानत प्रार्थना पत्र विशेष न्यायाधीश अनु. जाति और अनु. जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, आदित्य चतुर्वेदी के न्यायालय ने निरस्त कर दिया। विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह एवं कपिल करौलिया के अनुसार इटाइल वादी मुकदमा मंयक मोहन उर्फ मिंटू कोरी पुत्र घनश्याम कोरी ने तहरीर देते हुए बताया था कि 20 मार्च 2026 को समय करीब 4 बजे दिन में अपने गांव इटायल से ग्राम प्रधान संजय सिंह राजपूत के साथ उनकी स्कोर्पियो से मउरानीपुर की तरफ जा रहा था। जैसे ही खंदरका गांव के समीप पहुंचे तो सिद्धेश्वर की तरफ से टैक्टर मय ट्राली लेकर आ रहे देवेन्द्र शर्मा ने निकलने के लिए गाड़ी को साइड नहीं दी, काफी हार्न बजाने के बावजूद भी ट्रैक्टर साइड न करके गालियां देते हुए स्कोर्पियो रोककर गाड़ी से बाहर निकलने को कहा तो कार से प्रधान व मैं गाडी से बाहर निकला। जिस पर देवेन्द्र शर्मा ने कॉलर पकड कर उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। विरोध करने पर देवेन्द्र ने उत्तेजित होकर अपनी कमर से रिवाल्वर निकाल कर मेरे ऊपर जान से मारने की नियत से रिवाल्वर अड़ा दी, प्रधान जी ने विरोध किया तो उसने उनके ऊपर भी रिवाल्वर तान दी और रिवाल्वर से फायर किया तो दोनों बाल बाल बच गए। उसने देवेन्द्र की रिवाल्वर छीनने की कोशिश की। इसी बीच एक अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल से आया और धमकी देकर कहने लगा अगर रिवाल्वर छीनने की कोशिश की तो दोनों को जान से मार देंगे।धारा-109 (1), 115(2),352,351(3),126 (2) बीएनएस व 3 (2) 5, 3 (2) 5ए,3(1) द, ध एससीएसटी एक्ट एवं धारा 3/25/27 आयुध अधिनियम के तहत देवेन्द्र शर्मा पुत्र परमेश्वरी दास शर्मा निवासी ग्राम सिमथरी थाना चिरगांव के खिलाफ थाना लहचूरा में मुकदमा दर्ज किया गया। 22 मार्च 2026 से जिला कारागार में निरुद्ध अभियुक्त देवेन्द्र शर्मा द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह एवं कपिल करौलिया ने बताया कि अभियुक्त देवेंद्र शर्मा का आपराधिक इतिहास है । जिनमें 4 मुकदमे रोड एक्सीडेंट में दुर्घटना से मृत्यु,अवैध हथियार, हत्या का प्रयास व एससीएसटी एक्ट ,नारकोटिक्स आदि के 13 गंभीर मुकदमे हैं। जमानत का पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

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