जिलाधिकारी ने महिला समूह गठन में तेजी लाने के दिए निर्देश, ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और कोटेदार को दी जिम्मेदारी

झांसी: जिलाधिकारी गौरांग राठी ने विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत "क्रियान्वयन एवं अनुस्वरण समिति की बैठक" की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जनपद के सभी विभाग स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अपनी विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उन्हें स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की नैतिक जिम्मेदारी है कि गांव के गरीब परिवार का भी विकास हो और यह सभी को साथ लेकर चलने पर ही सुनिश्चित किया जा सकता है।विकास भवन सभागार में आयोजित क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने निर्देश दिए कि जनपद में लखपति दीदियों की सफलता की कहानी लिखी जाए ताकि अन्य महिलाएं भी प्रोत्साहित होकर समूह से जुड़े। उन्होंने प्रत्येक विकासखण्ड में 15 लखपति दीदियों की कहानी सृजित किए जाने हेतु अधिकारियों को जिम्मेदारी देते हुए जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने टिप्स देते हुए कहा कि महिला क्या कर रही है, बैंक ऋण लिया और उसे कैसे उपयोग कर अपने उत्पादन को आगे बढ़ाया कि विस्तृत जानकारी लिखी जाए। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने परिवार, संतृप्तीकरण एवं समूह गठन की समीक्षा करते हुए 2026-27 के वार्षिक लक्ष्य 10335 को शत प्रतिशत पूर्ण करने के लिए ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक एवं कोटेदार को लक्ष्य निर्धारित करते हुए समूह गठन में प्रगति लाए जाने के निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जनपद में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा जो कार्य किया जा रहा है,इसे और बढ़ाए जाने की आवश्यकता है, कृषि क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं की संख्या को और बढ़ाया जाए। इसके अतिरिक्त गांव में अन्य महिलाएं जो सिलाई, मस्त्य पालन, कृषि, उद्यान, बीसी सखी सहित अन्य कार्य करती है उन्हें चिन्हित करते हुए उन्हें आगे लाएं और लाभ देते हुए, उनका आर्थिक विकास करें। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह सहित अन्य परिवार जो पात्र है सभी को केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से आच्छादित किया जाए। उन्होंने कहा कि गांव की गरीब महिलाओं को आगे लाएं, वह जो कार्य कर रही है उसमें उन्हें प्रशिक्षित करते हुए उनकी आय बढ़ाने में सहयोग करें ताकि वह गरीबी रेखा से ऊपर उठ कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सके और उनकी आर्थिक/सामाजिक स्थिति में बदलाव आ सके। समूह में महिलाओं की संख्या और बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने स्वयं सहायता समूह के सीसीएल खातों की समीक्षा करते हुए बैंकर्स द्वारा समूह के सीसीएल खाते बैंक क्रेडिट लिंकेज की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। बैठक में जिलाधिकारी ने बैंकवार वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति की समीक्षा करते हुए बैंकों में स्वयं सहायता समूह के खातों की पत्रावालियों को निस्तारित करने के निर्देश दिए। माह अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 तक का लक्ष्य 854 के सापेक्ष 837 सीसीएल का वितरण कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जिला उद्यान विभाग द्वारा वेजिटेबल हाईटेक नर्सरी, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद उद्यम योजना। मनरेगा अंतर्गत कंपोस्ट पिट्स, केटल शेड, बकरी शेड, महिला मेट एवं नर्सरी की स्थापना। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कोट का प्राथमिकता के आधार पर आवंटन कर समूह की दीदीयों को लाभ प्रदान करना, समूह की महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन दिव्यांग पेंशन एवं निराश्रित महिला पेंशन हेतु चिन्हित कर उन्हें लाभान्वित करने के लिए अभियान चलाते हुए सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, डीसी एनआरएलएम सुनील कुमार सिंह, प्रभारी डीडीओ राजेश कुमार, डीपीआरओ डॉ0 बाल गोविन्द श्रीवास्तव, डीसी मनरेगा शिखर कुमार श्रीवास्तव, एलडीएम योगेश ठाकुर, डीपीओ दिनेश राजपूत, जिला प्रबंधक नेहनेराम सहित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी उपस्थित रहे। रिपोर्ट अंकित साहू

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