सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नियमित नहीं हुए अनुदेशक, झांसी में तीसरे रविवार भी क्रमिक अनशन जारी

झांसी । 04 फरवरी 2026 को मा. सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद उत्तर प्रदेश के परिषदीय अनुदेशकों को अब तक नियमित शिक्षक का दर्जा और बकाया एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। न्यायालय के आदेशों का अनुपालन कराने हेतु संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए 'परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति' द्वारा पिछले तीन रविवार से लगातार क्रमिक अनशन किया जा रहा है। इसी क्रम में, आज (रविवार, 04 अक्टूबर 2026) अपराह्न 2:00 बजे से क्रमिक अनशन जारी रहा। इस शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से राष्ट्रहित में कार्य करने वाले समस्त पत्रकार बंधुओं, सामाजिक संगठनों, विद्वान अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं आमजनमानस को न्याय की इस लड़ाई में आमंत्रित किया गया था। आंदोलन के दौरान समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल , दीपाली रायकवार , डॉ. राजीव बबेले तथा प्रोफेसर विनोद बौद्ध ने धरना स्थल पर पहुँचकर अनुदेशकों की मांगों का समर्थन किया। समिति द्वारा पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल को ज्ञापन सौंपा गया, जिस पर उन्होंने अनुदेशकों की बात समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. अखिलेश यादव तक पहुँचाने और उनके आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रिंस चौधरी, शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नितिन चौरसिया एवं मंत्री पंकज तिवारी भी समर्थन में उपस्थित रहे। अनशन में मुख्य रूप से राजेश वर्मा, यशपाल, शेर सिंह, सर्वेश, राजेश नागर, अरविंद साहू, पृथ्वीराज, सुरेन्द्र कुशवाहा, मोहित राय, संदीप चौधरी, संजीव सोनी, अरविंद गाता, धर्मेंद्र, रोहित, खिलाड़ी, रश्मि शर्मा, निक्की वर्मा, आरती, शाहीन परवीन, रजनी सोनकर, सुनीता देवी, शांति, नीतू, रीना, मंजूलता गौतम, गार्गी गौतम, मोहिनी वर्मा सहित बड़ी संख्या में अनुदेशक उपस्थित रहे।

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