राशनकार्ड लाभार्थियों में निःशुल्क खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था
झांसी: अपर आयुक्त, खाद्य एवं रसद विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ ने अवगत कराया है कि राशनकार्ड लाभार्थियों को उचित दर दुकानों पर स्थापित ई-वेईग स्केल से लिंक ई-पॉस मशीनों पर आधार प्रमाणीकरण कराकर निःशुल्क खाद्यान्न वितरित कराया जा रहा है। आधार प्रमाणीकरण हेतु ई-पॉस मशीन पर लाभार्थी का बायोमेट्रिक कैप्चर किया जाता है। यूआईडीएआई सर्वर से कैप्चर बायोमेट्रिक का मिलान किया जाता है। उक्त मिलान सफल पाए जाने पर लाभार्थी का आधार प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक दर्ज कर लिया जाता है तथा लाभार्थी को उसके राशनकार्ड पर अनुमन्य खाद्यान्न ई-वेईग स्केल पर तौलकर उपलब्ध करा दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश लाभार्थी का कैप्चर बायोमेट्रिक का मिलान असफल रहता है, तो लाभार्थी को उस दिन 02 बार और बायोमेट्रिक कैप्चर कराने की सुविधा उपलब्ध रहती है। यदि तीनों बार बायोमेट्रिक कैप्चर का मिलान असफल पाया जाता है, तो लाभार्थी की आइरिस स्कैन कर आधार प्रमाणीकरण करने का प्रयास किया जाता है। यूआईडीएआई सर्वर से स्कैन्ड आइरिस का मिलान किया जाता है। उक्त मिलान सफल पाए जाने पर लाभार्थी का आधार प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक दर्ज कर लिया जाता है तथा लाभार्थी को उसके राशनकार्ड पर अनुमन्य खाद्यान्न ई-वेईग स्केल पर तौलकर उपलब्ध करा दिया जाता है। यदि किसी कारणवश किसी लाभार्थी विशेष के 03 बार बायोमेट्रिक कैप्चर एवं 01 आइरिस स्कैन का यूआईडीएआई से सफलतापूर्वक मिलान नहीं हो पाता है, तो उस राशनकार्ड में सम्मिलित कोई भी अन्य सदस्य उपरोक्त प्रक्रिया का पालन कर सम्बन्धित राशनकार्ड पर अनुमन्य खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत कोई भी पात्र लाभार्थी निःशुल्क खाद्यान्न पाने से वंचित न रहे, जिसके दृष्टिगत विभाग द्वारा मोबाइल ओ०टी०पी० आधारित वितरण की सुविधा ऐसे राशनकार्ड लाभार्थियों के लिए उपलब्ध करायी गयी है, जो वृद्ध, विकलांग अथवा कुष्ठ रोग आदि के कारण बायोमेट्रिक व आइरिस स्कैन करने में असमर्थ हैं। ऐसे राशनकार्ड लाभार्थियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने हेतु प्रत्येक वितरण चक्र के अन्तिम दिवस में मोबाइल ओ.टी.पी. आधारित खाद्यान्न वितरण कराया जाता है, जिससे किसी भी दशा में कोई पात्र लाभार्थी निःशुल्क खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित न रहे। जिन राशनकार्ड धारकों का किसी भी दशा में आधार प्रमाणीकरण नहीं हो पाता है, उनके द्वारा स्वयं ही खाद्य एवं रसद विभाग के विभागीय पोर्टल पर अपना मोबाइल नम्बर ओ.टी.पी. आधारित वितरण हेतु रजिस्टर कराया गया है। अपर आयुक्त, खाद्य एवं रसद विभाग ने बताया कि उपरोक्त स्थिति में किसी भी लाभार्थी को मोबाइल खरीदने की आवश्यकता नहीं है। ओ.टी.पी. आधारित वितरण की सुविधा मात्र ऐसे राशनकार्ड धारकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने हेतु उपलब्ध करायी गयी है, जिनका किसी भी दशा में आधार प्रमाणीकरण सम्भव नहीं है, जिनका मोबाइल नम्बर विभाग के विभागीय पोर्टल पर पूर्व से ही ओ.टी.पी. वितरण हेतु रजिस्टर्ड है, यह व्यवस्था प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वर्ष 2017 से लगातार जारी है। ओ.टी.पी. आधारित वितरण व्यवस्था कोई नयी व्यवस्था नहीं है। माह सितम्बर, 2026 में प्रदेश में कुल 34169420 (तीन करोड़ इकतालीस लाख उनहत्तर हजार चार सौ बीस) राशनकार्डों पर खाद्यान्न वितरण हुआ है, जिसमें से मात्र 83093 (तिरासी हजार तिरानवे) राशनकार्डों पर ओ.टी.पी. आधारित वितरण हुआ है, जोकि कुल ट्रांजेक्शन्स की संख्या के सापेक्ष नगण्य है। अतः किसी भी राशनकार्ड धारक को खाद्यान्न प्राप्त करने हेतु मोबाइल खरीदने की आवश्यकता नहीं है।
रिपोर्ट अंकित साहू

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