तालपुरा मंडी में 1.52 करोड़ से विकसित होंगी भंडारण सुविधाएं, नीलामी चबूतरों का होगा सुधार
झांसी: प्रदेश सरकार की पहल से तालपुरा मंडी में किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों के लिए नीलामी, अस्थायी भंडारण, प्रकाश एवं पेयजल सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। मंडी परिसर में मौजूदा संरचनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए अस्थायी भंडारण और दुकानों की व्यवस्था विकसित होगी। उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने इन कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 52 लाख 41 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत धनराशि में 1 करोड़ 42 लाख 28 हजार रुपये निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि 10 लाख 13 हजार रुपये से विद्युत एवं संबंधित सुविधाओं का सुधार होगा। परियोजना में कृषि उपज की नीलामी से लेकर मंडी में कार्यरत श्रमिकों की आवश्यकताओं तक विभिन्न व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। मंडी परिसर में उपलब्ध संरचनाओं में पार्टिशन लगाकर अस्थायी भंडारण एवं दुकानों के लिए स्थान तैयार किया जाएगा। इससे मौजूदा भवनों का अधिक प्रभावी उपयोग हो सकेगा और कृषि उपज की आवक के दौरान भंडारण तथा व्यापारिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था उपलब्ध होगी।
परियोजना के अंतर्गत नीलामी चबूतरों की आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य भी कराए जाएंगे। इससे कृषि उपज की खरीद-बिक्री के लिए उपलब्ध स्थान अधिक सुविधाजनक होगा। विशेष रूप से मंडी में उपज लेकर आने वाले किसानों और व्यापारियों को नीलामी संबंधी गतिविधियों के संचालन में सहूलियत मिलेगी।
इसके साथ ही पल्लेदारों के लिए बने शेड का भी सुधार कराया जाएगा। मंडी में कृषि उपज की लोडिंग-अनलोडिंग और अन्य कार्यों में लगे पल्लेदारों को इससे बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध हो सकेगा।
मंडी में 10 लाख 13 हजार रुपये की स्वीकृत धनराशि से विद्युत संबंधी कार्य कराए जाएंगे। इसके अंतर्गत हाईमास्ट एवं एलईडी प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। मंडी परिसर में बेहतर रोशनी उपलब्ध होने से सुबह और शाम के समय वाहनों के आवागमन, उपज की उतराई तथा अन्य व्यापारिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी।
किसानों, व्यापारियों और श्रमिकों के लिए पेयजल सुविधाओं में सुधार के उद्देश्य से वाटर कूलर संबंधी कार्य भी कराए जाएंगे। इससे मंडी में प्रतिदिन आने वाले लोगों को पेयजल की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप तालपुरा मंडी में स्वीकृत इन कार्यों का उद्देश्य मौजूदा परिसंपत्तियों की उपयोगिता बढ़ाने के साथ आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करना है। नीलामी स्थलों, अस्थायी भंडारण, श्रमिक सुविधाओं और प्रकाश व्यवस्था में सुधार से मंडी की दैनिक गतिविधियों के संचालन में सहूलियत मिलेगी।
मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मंडियों का विकास केवल नई संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग और किसानों एवं व्यापारियों की व्यावहारिक आवश्यकताओं को पूरा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। तालपुरा मंडी में इसी दृष्टिकोण से कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसान जब अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे, तो उसे नीलामी और भंडारण जैसी आवश्यक सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध हों। वहीं पल्लेदारों को बेहतर कार्यस्थल तथा मंडी में आने वाले सभी लोगों को पर्याप्त प्रकाश एवं पेयजल सुविधाएं मिलें। स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाएगा।
रिपोर्ट अंकित साहू

No Previous Comments found.