राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर शुरू हुआ सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार,12 मई को रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित किया। पीएम ने राष्ट्र को ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में संबोधित किया। उनके संबोधन पर सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने पीएम के संबोधन पर प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि विपक्ष ने पूरी तरह से सरकार का साथ दिया और इस आतंकी घटना के खिलाफ पूरा देश एक जुट रहा। 

सपा नेता ने कहा कि पूरा देश सरकार से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने में सहयोग देने के लिए तैयार रहा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बिना किसी शर्त के सरकार का साथ दिया। आतंकवाद के खिलाफ समाजवादी पार्टी और विपक्ष पूरी तरह से सरकार के साथ खड़ी है। सेना के पराक्रम को विपक्ष और समाजवादी पार्टी हमेशा  सलाम करती है। सपा नेता ने कहा कि सेना के पराक्रम को पूरा देश सलाम करता है और आतंकवाद के खिलाफ जब लड़ने की बात आई हम साथ खड़े रहे।

पीएम ने क्या कहा?

बता दें अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'निश्चित तौर पर यह युग युद्ध का नहीं है लेकिन यह युग आतंकवाद का भी नहीं है। आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस', यह एक बेहतर दुनिया की गारंटी है.' मोदी ने कहा, 'कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा। हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे.'

उधर, पीएम के संबोधन के बाद भारतीय सेना ने एक बयान जारी किया. इसमें कहा गया कि 12 मई 2025 को शाम 5:00 बजे DGMO (भारत और पाकिस्तान के) के बीच वार्ता हुई। इस प्रतिबद्धता को जारी रखने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई कि दोनों पक्ष एक भी गोली नहीं चलाएंगे तथा एक दूसरे के विरुद्ध कोई आक्रामक और शत्रुतापूर्ण कार्रवाई नहीं करेंगे। इस बात पर भी सहमति हुई कि दोनों पक्ष सीमाओं और अग्रिम क्षेत्रों से सैनिकों की संख्या में कमी सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपायों पर विचार करेंगे।

इससे पहले सीजफायर को लेकर विपक्ष ने उठाए थे सवाल-

पहलगाम आतंकी हमले से लेकर सीजफायर तक पूरे घटनाक्रम पर चर्चा के लिए विपक्षी दलों ने सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम तो पहले से ही मांग कर रहे हैं कि संसद का विशेष सत्र बुलाएं, जहां सभी लोग चर्चा करेंगे क्या स्थिति है और आगे क्या कर रहे हैं। साथ ही रविवार को राहुल गांधी ने विशेष सत्र बुलाने की मांग करते हुए पीएम मोदी को एक पत्र भी लिखा था।

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