CJP के नेता अभिजीत दीपके का बयान: 'सत्ता से सवाल पूछना अराजकता नहीं, लोकतंत्र का मूल आधार है'

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक पाबंदियों और अराजकता फैलाने के आरोपों को खारिज करते हुए शुक्रवार को जोर देकर कहा कि सत्ता में बैठे लोगों से जवाब मांगना 'अराजकता' नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे बुनियादी अभिव्यक्ति है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए दीपके ने उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि सार्वजनिक प्रदर्शनों से आर्थिक गतिविधियां बाधित होती हैं। उनका तर्क है कि आक्रामक प्रशासनिक कार्रवाई और अचानक लगाए गए लॉजिस्टिक अवरोध आम जनता और व्यापारियों को वास्तविक कठिनाइयों में डालते हैं। उन्होंने अपने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के मार्ग पर चली है और मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु तथा नागपुर में हुए सभी प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे हैं।

सत्ताधारी प्रतिष्ठान पर निशाना साधते हुए सीजेपी संस्थापक ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक पाखंड पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि लगातार ऐसे प्रयास किए जाते हैं कि उन्हें अराजकतावादी के रूप में चित्रित किया जाए, क्योंकि वे चुप रहने से इनकार करते हैं, जबकि सरकार से सवाल करना या अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरना किसी भी तरह से अराजकता नहीं हो सकता है। दीपके ने आगे कहा कि आज जो पार्टी सत्ता में है, उसने खुद विपक्ष में रहते हुए दशकों तक विरोध प्रदर्शन करने और तत्कालीन सरकारों से सवाल पूछने में बिताए हैं। यदि उस समय उनके खिलाफ वही प्रतिबंध और पुलिस दमन इस्तेमाल किए जाते, तो आज सत्ता की कुर्सियों पर बैठे कई लोग शायद वहां तक कभी नहीं पहुंच पाते। विपक्ष में रहने पर प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताना और सत्ता में आने पर उसे जन व्यवस्था के लिए खतरा मानना गहरी राजनीतिक पाखंडता को दर्शाता है।

अभिजीत दीपके की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में सीजेपी द्वारा बुलाए गए 'लेहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इस प्रस्तावित सभा और सुरक्षा इंतजामों के चलते शुक्रवार दोपहर 3 बजे से कनॉट प्लेस और उसके आसपास के रास्तों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है, जिसके लिए यात्रियों को पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 16 और 17 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को आम जनता के लिए बंद रखने की घोषणा की है, जबकि दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि इलाके में पहले से ही धारा 163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा लागू है

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