“कथाओं के ज़रिए गीता: अभिनव श्रीवास्तव का सरल और सजीव प्रयास”
लखनऊ के युवा लेखक अभिनव श्रीवास्तव ने भारतीय दर्शन की महान धरोहर भगवद गीता को एक नई और सुलभ भाषा में प्रस्तुत करते हुए अपनी पुस्तक “कथाओं में गीता” के माध्यम से ज्ञान के दरवाज़े खोल दिए हैं। जी हां , लखनऊ के युवा लेखक अभिनव श्रीवास्तव ने हाल ही में अपनी पुस्तक “कथाओं में गीता” के माध्यम से एक अनोखा प्रयास किया है।
इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें भगवद गीता के गूढ़ और गहन श्लोकों को सरल और रोचक कहानियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे वे आम पाठकों तक सहजता से पहुँच सकें।
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अभिनव का यह अभिनव प्रयास पाठकों के बीच खूब सराहा जा रहा है। अब तक वे 4,000 से अधिक प्रतियाँ निशुल्क बाँट चुके हैं और उनका उद्देश्य है कि आने वाले समय में यह संख्या 50,000 से भी ऊपर पहुंच जाए। उनका विश्वास है कि गीता के दिव्य संदेशों को कहानियों के माध्यम से समझाने से हर उम्र के लोगों के जीवन में गहराई से उतरना संभव हो पाता है।
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फिलहाल, “कथाओं में गीता” युवाओं और वयस्कों दोनों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और यह पुस्तक धीरे-धीरे अपने संदेश को व्यापक स्तर पर फैलाने में सफल हो रही है।
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इस तरह, “कथाओं में गीता” न केवल युवाओं के बीच बल्कि सभी वर्गों में गीता के अमूल्य संदेशों को लोकप्रिय बना रही है, जो इस पुस्तक को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और बौद्धिक उपहार बनाती है।
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