चिप्स और कोल्ड ड्रिंक तंबाकू जैसी लत डाल सकते हैं, रिसर्च में दावा
हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि चिप्स और कोल्ड ड्रिंक जैसी आम फास्ट फूड और जंक फूड चीज़ों में कुछ ऐसे तत्व पाए जा सकते हैं, जो तंबाकू जैसी लत पैदा करने की क्षमता रखते हैं। यह रिसर्च स्वास्थ्य विशेषज्ञों और न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में काम कर रहे वैज्ञानिकों द्वारा की गई है।
रिसर्च का विवरण
अध्ययन में यह पाया गया कि अत्यधिक नमक, शुगर और फ्लेवर्स वाले प्रोसेस्ड स्नैक्स जैसे चिप्स और मीठे कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने वाले लोगों के मस्तिष्क में डोपामिन हार्मोन की मात्रा में अस्थायी बढ़ोतरी होती है। डोपामिन हार्मोन हमारे दिमाग में “सुख और संतोष” का एहसास पैदा करता है। यह वही हार्मोन है जो सिगरेट, तंबाकू और अन्य नशे वाली चीज़ों के सेवन से भी रिलीज़ होती है।
रिसर्च के अनुसार, जब लोग बार-बार चिप्स और कोल्ड ड्रिंक का सेवन करते हैं, तो उनके शरीर और दिमाग में इसकी आदत बन जाती है। धीरे-धीरे व्यक्ति के लिए इन फूड्स की कमी महसूस होना और बार-बार सेवन की इच्छा होना, यह तंबाकू जैसी लत का संकेत है।
जोखिम और प्रभाव
स्वास्थ्य पर असर: लगातार चिप्स और कोल्ड ड्रिंक का सेवन मोटापा, शुगर लेवल में बढ़ोतरी, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
मानसिक लत: सिर्फ स्वाद और सुख की वजह से बार-बार इन्हें खाने की इच्छा होना न्यूरोसाइंस की दृष्टि से लत की तरह माना जाता है।
युवा वर्ग पर असर: विशेष रूप से बच्चों और किशोरों में यह लत जल्दी विकसित होती है, क्योंकि उनका मस्तिष्क स्वाद और शुगर के प्रति अधिक संवेदनशील होता है।
विशेषज्ञों की राय
डॉक्टर अंजलि मेहता, पोषण विशेषज्ञ, कहती हैं:
"जब कोई जंक फूड बार-बार खाता है, तो उसका शरीर और दिमाग इसकी आदत डाल लेता है। यह आदत धीरे-धीरे शारीरिक और मानसिक लत में बदल सकती है। इसलिए बच्चों और युवाओं को तंबाकू जैसे नशे से बचाने के साथ-साथ जंक फूड पर भी नियंत्रण रखना जरूरी है।"
साइकोलॉजिस्ट डॉ. संदीप कुमार का कहना है कि:
"लोगों में यह देखा गया है कि चिप्स और कोल्ड ड्रिंक खाने के बाद तुरंत सुख और खुशी का एहसास होता है, और यही कारण है कि लोग इनका सेवन रोक नहीं पाते।"
बचाव के उपाय
प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करें।
घर में ताजे फल और सब्जियों का सेवन बढ़ाएं।
बच्चों को जंक फूड की आदत से बचाने के लिए उन्हें हेल्दी स्नैक्स के विकल्प दें।
शुगर-फ्री और कम-सोडियम वाले स्नैक्स अपनाएं।
मानसिक लत से बचने के लिए समय-समय पर डायट चार्ट और हेल्दी हैबिट्स का पालन करें।
यह रिसर्च दर्शाती है कि चिप्स और कोल्ड ड्रिंक केवल स्वाद में ही नहीं बल्कि मानसिक लत में भी लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। यह चेतावनी खासकर माता-पिता और युवाओं के लिए है कि जंक फूड की आदतें स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति दोनों पर गंभीर असर डाल सकती हैं।


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