अग्निवीरों का कार्यकाल 2 साल बढ़ा, 'सभी को मिलेगा सेवा जारी रखने का मौका'

केंद्र सरकार ने सेना की बहुचर्चित 'अग्निपथ योजना' (Agnipath Scheme) में एक बड़ा और अहम संशोधन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अग्निवीरों के कार्यकाल को दो साल और बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लगभग 18,000 अग्निवीरों का पहला बैच अपनी सेवा पूरी कर बाहर निकलने वाला था। सरकार के इस कदम से देश के युवाओं और सेवारत जवानों को बड़ी राहत मिली है।

CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमण्यम का बड़ा बयान

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमण्यम ने स्पष्ट किया है कि अब सभी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में अपनी सेवा जारी रखने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, यह निरंतरता उनके प्रदर्शन और समय-समय पर होने वाली समीक्षा (Performance Review) पर निर्भर करेगी।

जनरल सुब्रमण्यम ने मीडिया से बातचीत में कहा, "शुरुआत से ही यह स्पष्ट था कि इस योजना की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। हर साल अग्निवीरों के प्रदर्शन का आकलन किया गया और अंततः हमने यह निर्णय लिया कि इनके कार्यकाल में दो साल का विस्तार किया जाना चाहिए।"

क्या थी पुरानी व्यवस्था और अब क्या बदला?

वर्ष 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को साढ़े सत्रह से इक्कीस वर्ष की आयु के बीच चार साल की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती किया जाता था। मूल नियम के अनुसार, इनमें से केवल 25 प्रतिशत सैनिकों को ही नियमित सेवा के लिए पंद्रह और वर्षों तक बनाए रखने का प्रावधान था, जबकि शेष 75 प्रतिशत जवानों को सेवा समाप्त होने पर एक निश्चित वित्तीय पैकेज (सेवा निधि) देकर विदा किया जाना था। अब इस नए संशोधन के बाद कार्यकाल बढ़ने से सैनिकों को सेना में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का अधिक समय और अवसर मिलेगा।

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