एसएन के न्यूरोसर्जरी विभाग और आईसीयू टीम को मिली बड़ी सफलता: 35 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे गंभीर मरीज को मिला नया जीवन

आगरा :  एसएन मेडिकल कॉलेज ने एक बार फिर चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता को साबित किया है। नगला पति, दयालबाग के निवासी चंद्रप्रकाश राठौर (23 वर्ष), जो एक भीषण सड़क दुर्घटना (RTA) में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। चंद्रप्रकाश को 4 अप्रैल को सिर में गंभीर चोट लगने के बाद आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया था। जांच (NCCT Head) में पाया गया कि मरीज डिफ्यूज एक्सोनल इंजरी (DAI) जैसी घातक स्थिति से जूझ रहा था, जिसके कारण उसे लगातार मिर्गी के दौरे (Intractable Seizures) पड़ रहे थे। मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए उसे सुपर स्पेशलिटी आईसीयू (SS-ICU) में शिफ्ट किया गया, जहाँ वह 30 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहा। न्यूरोसर्जरी विभाग और आईसीयू की टीम के अथक प्रयासों और सही उपचार के चलते मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और 35 दिनों बाद उसे आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया। इस जटिल केस का सफल उपचार न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. गौरव धाकरे, डॉ. मयंक अग्रवाल, एवं डॉ. तरुणेश शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। आईसीयू प्रबंधन की कमान आईसीयू हेड डॉ. अतिहर्ष मोहन ने संभाली, जिनके नेतृत्व में मरीज की चौबीसों घंटे निगरानी की गई।

प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता के अनुसार चंद्रप्रकाश का मामला बेहद चुनौतीपूर्ण था। डिफ्यूज एक्सोनल इंजरी के मामलों में रिकवरी की संभावना कम होती है, लेकिन डॉक्टर्स की विशेषज्ञता और आधुनिक आईसीयू सुविधाओं के कारण हम एक युवा जीवन को बचाने में सफल रहे। यह एस.एन. मेडिकल कॉलेज की टीम वर्क और समर्पण का परिणाम है। 

रिपोर्टर : अनुज उपाध्याय

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