युवा अधिवक्ता संघ ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की विचार गोष्ठी
आगरा : युवा अधिवक्ता संघ आगरा मंडल के द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस पर राजनीतिक विषय पर प्रेस की स्वतंत्रता विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने विचार रखते हुए पत्रकारिता के आधारभूत स्तंभ अधिवक्ता पंडित जुगल किशोर शुक्ला के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनके द्वारा लगभग 200 वर्ष पूर्व ब्रिटिश काल में जब अंग्रेजी फारसी, उर्दू और बांग्ला भाषा में अखबार छपा करते थे तब हिंदी पत्रकारिता की अलख जगाई और उदंत मर्दंड नामक साप्ताहिक अखबार की शुरुआत 30 मई 1826 को की गई साप्ताहिक अखबार के रूप में अंग्रेजी हुकूमत में हिंदी भाषा में यह अखबार एक क्रांति के रूप में स्थापित हुआ। इसीलिए आज 30 मई को हम सभी अधिवक्ताओं के द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जा रहा है। मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने बताया कि पत्रकारिता से लेकर आजादी के आंदोलन में और आजादी के बाद सरकार बनाने और नीतियां बनाने के लिए एक अधिवक्ता की अग्रणी भूमिका रही है। वर्तमान समय में प्रेस की स्वतंत्रता पर जो संकट मंडरा रहा है। इस पर देश की जनता को विचार करते हुए मीडिया को निष्पक्ष बनाना होगा जो पक्ष एवं विपक्ष के तर्कों से जनता को अवगत करा सके. संचालन करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने लगातार बढ़ रहे यूट्यूब पोर्टल चैनलों पर और उनकी खबरों की विश्वसनीयता पर विचार प्रकट किया उन्होंने कहा कि चैनल की खबर आम जनमानस पर प्रभाव छोड़ती है इसीलिए चैनल को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है। अधिवक्ता मुकेश कुमार द्वारा बताया गया की वर्तमान समय में जो संवैधानिक एवं मौलिक अधिकार बाबा साहब के प्रयासों से आम जनता को संविधान के रूप में दिए गए हैं। उसमें अभिव्यक्ति की आजादी मुख्य है। यह अधिकार हमें संविधान में प्राप्त है। अन्य वक्ताओं में युवा अधिवक्ता रिंकू यादव, शान्ति स्वरुप शर्मा, देव ग़ौतम, राजेंद्र प्रसाद, अनुज प्रधान, सिकन्दर सहेरा, नीतू सिंह, ममता सोनी, एसपी सिंह, वीरेंद्र पाल मौजूद रहे।
रिपोर्टर : अनुज उपाध्याय
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