आगरा नगर निगम में 'बसपा मानसिकता' पर बवाल भाजपा पार्षद ने लगाया भेदभाव का गंभीर आरोप
आगरा । आगरा नगर निगम में प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के मनोनीत पार्षद सुनील करमचंदानी ने नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और नगर आयुक्त पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मानसिकता से काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्षद का आरोप है कि सत्ता पक्ष का होने के बावजूद उनके द्वारा जनहित में शुरू कराए गए कार्यों की उपेक्षा की जा रही है, जबकि विपक्षी पार्षदों की फाइलों पर अधिकारी तत्परता दिखा रहे हैं।
ये है पूरा मामला?
मनोनीत पार्षद सुनील करमचंदानी के अनुसार, शाहगंज क्षेत्र के रुई की मंडी में स्थानीय लोगों की बेहद जरूरी मांग पर उन्होंने एक सार्वजनिक शौचालय निर्माण का बीड़ा उठाया था। इसके लिए उन्होंने 21 अप्रैल 2026 को नगर निगम में एक औपचारिक प्रस्ताव फाइल लगाई थी। इस जनहित के कार्य के लिए बकायदा प्रोजेक्ट फाइल भी तैयार कर ली गई थी, लेकिन इसके बाद भी निगम के अधिकारियों ने इस पर कोई अग्रिम कार्यवाही नहीं की और फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
बसपा' पार्षद की फाइल पर तुरंत एक्शन, भाजपा की उपेक्षा क्यों?
मामले में नया मोड़ तब आया जब इसी क्षेत्र से बसपा के पार्षद कप्तान सिंह चाहर ने इसी काम (शौचालय निर्माण) के लिए एक नई फाइल निगम में लगाई। आरोप है कि भाजपा पार्षद की पहले से लंबित फाइल को नजरअंदाज कर, निगम के अधिकारियों ने बसपा पार्षद की फाइल पर गजब की तत्परता दिखाई और उसे तुरंत टेंडर प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ा दिया।
सुनील करमचंदानी ने कहा कि क्षेत्रीय जनता ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए उनसे गुहार लगाई थी। उन्होंने समय पर प्रयास भी किए, लेकिन निगम अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के कारण समय पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। बाद में जानबूझकर इस कार्य का श्रेय बसपा पार्षद को देने के लिए उनकी फाइल को प्राथमिकता दी गई।
अपनी ही सरकार में उपेक्षा, धूमिल हो रही सरकार की छवि
भाजपा पार्षद ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आगरा नगर निगम में महापौर (मेयर) भारतीय जनता पार्टी की हैं, और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ केंद्र में भी भाजपा की ही डबल इंजन सरकार है, तो फिर निगम के अधिकारी किसके इशारे पर काम कर रहे हैं? करमचंदानी ने कहा कि अधिकारियों की इस 'बसपा मानसिकता' के कारण न सिर्फ क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि जनता के बीच भाजपा सरकार की छवि को भी धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
रिपोर्टर - अनुज उपाध्याय

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