15 वर्षीय किशोरी के पेट से निकला 14.35 किलो का दुर्लभ ट्यूमर, सर्जरी में मिले बाल और दांत
आगरा : एक 15 वर्षीय किशोरी पिछले करीब एक वर्ष से पेट दर्द, पेट में लगातार बढ़ते फैलाव तथा मल और गैस त्यागने में कठिनाई से परेशान थी। धीरे-धीरे बढ़ती इन समस्याओं के बाद उसे विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श के लिए KPIMS हॉस्पिटल की ओपीडी में लाया गया। जांच के दौरान सीटी स्कैन में पेट के अंदर एक बड़े आकार के रेट्रोपेरिटोनियल मास की मौजूदगी सामने आई, जो पेट की सभी आंतों को ऊपर की ओर धकेल रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रसिद्ध सर्जन डॉ. भुवनेश शर्मा एवं उनकी टीम ने किशोरी को सर्जरी के लिए लिया। ऑपरेशन के दौरान पेट के पीछे स्थित ट्यूमर का आकार देखकर चिकित्सक भी हैरान रह गए। ट्यूमर लगभग 40 सेंटीमीटर लंबा और 28 सेंटीमीटर चौड़ा था तथा इसका वजन करीब 14.35 किलोग्राम था।
सर्जरी के दौरान ट्यूमर के भीतर बाल और दांत भी पाए गए । जांच में यह मुख्य रूप से रेट्रोपेरिटोनियल टेराटोमा विद सिस्टिक डिजेनेरेशन पाया गया। इतने बड़े आकार के ट्यूमर के कारण पेट के अंदर आंतों पर काफी दबाव पड़ रहा था, जिसके चलते किशोरी को लंबे समय से पेट दर्द, पेट फूलने और मल एवं गैस त्यागने में परेशानी हो रही थी।
डॉ. भुवनेश शर्मा एवं उनकी टीम ने सावधानीपूर्वक सर्जरी कर इस विशाल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला। इस जटिल सर्जरी में एनेस्थेटिस्ट डॉ. पुष्पेंद्र चाहर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं ओटी टीम के उमेश प्रकाश, कृष्णा, विजय, ब्रह्मचारी एवं निजाम ने सर्जरी के दौरान महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। पूरी टीम के समन्वित प्रयासों से इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
चिकित्सकों के अनुसार, यह एक दुर्लभ एवं चुनौतीपूर्ण मामला था, जिसमें ट्यूमर का आकार काफी बड़ा हो चुका था और उसने पेट के अंदर मौजूद अंगों एवं आंतों की स्थिति को प्रभावित किया था। ऐसे मामलों में सर्जरी के दौरान आसपास के महत्वपूर्ण अंगों और संरचनाओं को सुरक्षित रखते हुए ट्यूमर को निकालना एक महत्वपूर्ण चुनौती होती है। विशेषज्ञ टीम की सावधानीपूर्वक योजना और सर्जिकल प्रबंधन के चलते मरीज का उपचार सफलतापूर्वक किया गया।
इस अवसर पर KPIMS हॉस्पिटल के CEO, दिव्य प्रशांत बजाज ने कहा कि, “यह मामला इस बात का उदाहरण है कि जटिल और दुर्लभ परिस्थितियों में अनुभवी विशेषज्ञों की टीम, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और बेहतर समन्वय के साथ मरीज को उचित उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। KPIMS हॉस्पिटल में हमारा प्रयास रहता है कि गंभीर से गंभीर मामलों में भी मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखभाल और आवश्यक उपचार एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा सके। इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफल बनाने के लिए डॉ. भुवनेश शर्मा सहित पूरी सर्जिकल, एनेस्थीसिया और ओटी टीम का समर्पण सराहनीय है।”
उन्होंने आगे कहा कि लंबे समय तक बने रहने वाले पेट दर्द, पेट फूलने, भूख में बदलाव अथवा मल एवं गैस त्यागने में लगातार परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श और आवश्यक जांच के माध्यम से बीमारी की पहचान शुरुआती स्तर पर की जा सकती है तथा उचित उपचार की दिशा तय की जा सकती है।
यह मामला इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि लंबे समय तक रहने वाले पेट दर्द और पेट संबंधी लगातार समस्याओं को सामान्य समझकर टालना नहीं चाहिए। समय पर चिकित्सकीय परामर्श और उचित जांच से ऐसी गंभीर एवं दुर्लभ स्थितियों की पहचान संभव है।
रिपोर्टर : अनुज उपाध्याय

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