उजाला सिग्नस क्यूसीआई और एनएबीएल की पहल विशेषज्ञों का रोगी सुरक्षा पर जोर
आगरा। उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स ने क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) और नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को एनएबीएल गुणवत्ता यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा और प्रयोगशाला पेशेवरों को एनएबीएल मान्यता मानकों और मजबूत प्रयोगशाला प्रणालियों के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। उजाला सिग्नस की उपाध्यक्ष (अकादमिक एवं अनुसंधान) डॉ. वंदना चावला ने कहा कि प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता केवल मानक पूरे करने तक सीमित नहीं है बल्कि एक ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करने के बारे में है जहां सटीकता, विश्वसनीयता और रोगी सुरक्षा हर जांच का आधार बने। उन्होंने एनएबीएल गुणवत्ता यात्रा को प्रयोगशालाओं के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण मंच बताया।
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के एमडी डाॅ. नरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में प्रयोगशालाओं की भूमिका अत्यंत मौलिक है, क्योंकि सटीक इलाज की शुरुआत सही जांच रिपोर्ट से ही होती है। मान्यता से सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है। साइंटिफिक लैब्स के संस्थापक एवं निदेशक (मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर) डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि एक मजबूत गुणवत्ता प्रणाली चिकित्सकों और मरीजों के भरोसे को गहरा करती है। उन्होंने प्रयोगशालाओं से आह्वान किया कि वे मान्यता को अंतिम पड़ाव न मानकर निरंतर सुधार और उत्कृष्ट सेवा की यात्रा समझें।
तकनीकी सत्र और चर्चा
तकनीकी सत्र में क्यूसीआई विश्लेषक शिवांशु और तुषार ने 'गुणवत्ता यात्रा' की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके बाद डॉ. रीमा बहरी के नेतृत्व में एनएबीएल मान्यता के लाभ, एम(ईएल)टी मान्यता योजना, दस्तावेजीकरण प्रक्रिया, आईएसओ और एनएबीएल लेबोरेटरी सर्च प्लेटफॉर्म पर विस्तृत चर्चा हुई। सत्र के अंत में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। हॉस्पिटल के यूनिट हेड रणंजय सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस माैके पर उजाला सिग्नस हेल्थकेयर के संस्थापक निदेशक डॉ. सुचिन बजाज, डॉ. अतुल कृष्ण देव, शमिंदर सिंह माैजूद रहे।
रिपोर्टर :- अनुज उपाध्याय

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