विकास के नाम पर वही पुराने चेहरे फिर मैदान में – क्या इस बार श्रीगोंदा की जनता देगी करारा जवाब?
अहिल्यानगर : श्रीगोंदा शहर के विकास को वर्षों से ठप करने वाले कुछ वही पुराने उम्मीदवार एक बार फिर चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद सड़क, पानी, स्वच्छता, बिजली और अन्य बुनियादी समस्याओं को सुलझाने में नाकाम रहने वाले ये चेहरे अब फिर से विकास के वादों के साथ जनता के सामने दस्तक दे रहे हैं।
शहर के कई इलाकों में आज भी सड़कों की हालत बेहद खराब है। पीने के पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है और नागरिकों को रोजमर्रा की ज़िंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल, गंदगी और अव्यवस्था के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। लेकिन चुनाव नजदीक आते ही यही अधूरी समस्याएं अब फिर से “विकास” के मुद्दे बनाकर जनता को लुभाने की कोशिश की जा रही है। इस बार सवाल यह उठता है कि क्या श्रीगोंदा की जनता फिर से इनके झूठे वादों में आएगी या इन्हें सख्त जवाब देते हुए घर का रास्ता दिखाएगी? अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि “धूल मुक्त और विकसित श्रीगोंदा” का सपना कौन साकार करेगा और जनता का फैसला किसके पक्ष में जाएगा। यह देखना बेहद दिलचस्प रहेगा कि इस बार जनमत किस ओर जाता है।
रिपोर्टर : अमर घोडके
No Previous Comments found.