तेंदुआ–मानव संघर्ष पर लगाम,अहिल्यानगर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत
अहिल्यानगर :अहिल्यानगर जिले में बढ़ते तेंदुआ–मानव संघर्ष की पृष्ठभूमि में वन विभाग ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और सकारात्मक कदम उठाया है। तेंदुओं से संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से वन विभाग के बेड़े में 200 नए पिंजरे शामिल किए गए हैं।
जिला नियोजन समिति के माध्यम से इसके लिए 8 करोड़ रुपये का निधि उपलब्ध कराया गया है।
पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील के निर्देशानुसार इस पर तत्काल कार्यवाही की गई है। इससे जिले में तेंदुआ नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
केवल पिंजरे ही नहीं, बल्कि आधुनिक उपकरण भी वन विभाग को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें 300 ट्रैप कैमरे, वन कर्मचारियों के लिए सुरक्षा जैकेट, जूते, टॉर्च गन तथा 22 नई रेस्क्यू वाहन शामिल हैं। इससे खोज, निगरानी और बचाव कार्य अधिक तेज़ी और सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा।
वर्तमान में वन विभाग के पास 500 से अधिक पिंजरे और 3 थर्मल ड्रोन उपलब्ध हैं। मानव बस्तियों के पास तेंदुआ दिखाई देने पर तुरंत पिंजरा लगाकर उसे काबू में करना अब और आसान होगा।
सबसे अधिक पिंजरे प्राप्त करने वाले तहसील :
संगमनेर – 51
पारनेर – 37
कोपरगांव – 29
नगर – 23
नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है, जिससे तेंदुआ–मानव संघर्ष को कम करने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्टर : अमर घोडके

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