गणतंत्र दिवस पर डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का नाम न लेने का विरोध; मंत्री गिरीश महाजन पर कार्रवाई की मांग
अहिल्यानगर : 26 जनवरी 2026 को आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान पालक मंत्री गिरीश महाजन द्वारा अपने भाषण में भारतीय संविधान के शिल्पकार विश्वरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का नाम न लेने पर तीव्र विरोध जताया गया है। इस मामले में महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को निवेदन देकर मंत्री महाजन के विरुद्ध संविधान के अनुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
इस अवसर पर वन विभाग की महिला अधिकारी माधवी जाधव ने संविधान की लाभार्थी होते हुए भी मंत्री द्वारा डॉ. बाबासाहब आंबेडकर का नाम न लेना एक अक्षम्य गलती बताते हुए साहसिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि संविधान निर्माता का नाम मिटाने का प्रयास किया गया तो नौकरी जाने की परवाह किए बिना भी वे संविधान के सम्मान के लिए खड़ी रहेंगी। उनके इस साहसिक कदम का राज्यभर में स्वागत और सराहना की जा रही है।
श्रीगोंदा मे दिये गये निवेदन में उल्लेख किया गया है कि डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ने दो वर्ष ग्यारह महीने सत्रह दिनों के अथक परिश्रम से स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के मूल्यों पर आधारित भारतीय संविधान का निर्माण किया। इसी संविधान के कारण देश का प्रत्येक नागरिक सम्मान के साथ जीवन जी रहा है। ऐसे महामानव का गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र अवसर पर उल्लेख न करना संविधान का अपमान है।
निवेदनकर्ताओं ने मांग की है कि लोकतंत्र और संविधान के सम्मान की दृष्टि से मंत्री गिरीश महाजन को तत्काल मंत्रिमंडल से हटाया जाए तथा उनके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
साथ ही संविधान प्रेमी महिला अधिकारी माधवी जाधव के साहस का अभिनंदन करते हुए सरकार से ऐसे ईमानदार और जागरूक अधिकारी-कर्मचारियों को संरक्षण और सम्मान देने की मांग भी की गई है।
यह निवेदन श्रीगोंदा के नायब तहसीलदार मिलिंद जाधव को सौंपा गया। इस अवसर पर एडवोकेट संभाजीराव बोरुडे, मुकुंद सोनटक्के, भीमराव घोडके, एडवोकेट महेंद्र शिंदे, एडवोकेट विनोद उजागरे, दीपक घोडके और बाळु जाधव उपस्थित थे।
रिपोर्टर : अमर घोडके

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